कहानी भारत के 'मोस्ट वॉंटेड' दाऊद इब्राहिम की..

  • 22 मार्च 2013
दाउद इब्राहिम (फ़ाइल)
Image caption दाउद इब्राहिम की ग़ैर मौजूदगी के बावजूद उनका नाम भारत में हुई कई घटनाओं के संबंध में सामने आता रहा है

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत के सबसे वांछित अपराधी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में दाऊद इब्राहिम और उनके भाई अनीस इब्राहिम को साज़िशकर्ता माना है.

फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को इन धमाकों के दौरान ही अपने पास हथियार रखने के जुर्म में देश के सुप्रीम कोर्ट ने पाँच साल क़ैद की सज़ा सुनाई है.

भारत की व्यावसायिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में तक़रीबन 20 साल पहले एक के बाद एक हुए बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज़्यादा घायल हुए थे.

मुकदमे के दौरान सरकार की ओर से रखे गए पक्ष में दलील दी गई कि संभवत: इन धमाकों को मुंबई में साल भर पहले हुए दंगो की प्रतिक्रिया के तौर पर अंजाम दिया गया.

साल 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुंबई में हुए दंगो में बड़ी संख्या में मुस्लिमों की मौत हुई थी. इन दंगो के सिलसिले में मुंबई और पास के इलाक़ों के मज़बूत दक्षिणपंथी राजनीतिक संगठन शिव सेना का नाम लिया जाता रहा है.

अमरीका में भी चर्चा

दाऊद इब्राहिम धमाकों से पहले ही भारत छोड़ चुके थे. भारत सरकार बार-बार आरोप लगाती रही है कि उन्होंने पाकिस्तान में शरण ले रखी है लेकिन पाकिस्तान इससे इंकार करता है.

अमरीका की सरकार ने दाऊद इब्राहिम को विश्वस्तरीय आतंकवादियों के समर्थकों की सूची में डाल रखा है. साल 2003 में तैयार लिस्ट के मुताबिक़ "एक पुलिस कांस्टेबल के बेटे, दाऊद इब्राहिम पिछले दो दशकों में भारतीय अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े अपराधियों में से एक हैं."

इस सूचना में कहा गया है कि वो नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल रहे हैं, और उन्होंने "भारत विरोधी इस्लामी चरमपंथी समूह लश्करे तैबा को आर्थिक सहायता पहुंचाई है."

अमरीकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक़ दाऊद इब्राहिम और पूर्व अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के बीच लेन-देने भी हुआ था, और मुंबई अपराध सरग़ना में 1990 के दशक में तालिबान की देख-रेख में अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा भी की थी.

करीम लाला के गैंग से शुरुआत

भारतीय जांच अधिकारियों के मुताबिक़ दाऊद इब्राहिम का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी शहर में हुआ था.

भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई का कहना है कि पांच फूट चार इंच के अपराध सरग़ना के 'बाईं भौं पर तिल है' और वो फिरौती, जालसाज़ी और धोखाधड़ी के अपराधों में भी शामिल रहे हैं.

हालांकि उनके शुरुआती जीवन के बारे में बहुत कुछ मालूम नहीं है, लेकिन पुलिस के मुताबिक़ दाऊद इब्राहिम ने स्कूल स्तर पर ही पढ़ाई छोड़ दी थी.

अपराध के जीवन के प्रारंभिक दिनों में वो मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला के गैंग के लिए काम करते थे.

लेकिन 1980 के दशक में उनका नाम मुंबई अपराध जगत में बहुत तेज़ी से उभरा और कहा जाता था कि उनकी पहुंच फिल्म जगत से लेकर सट्टे और शेयर बाज़ार तक पहुंच गई.

हालांकि बाद में वो भारत छोड़कर भाग गए, लेकिन पुलिस के मुताबिक दाऊद इब्राहिम विदेश में बैठे हुए भी, भारत में कई वारदातों को अंजाम देने का हुक्म देते रहे हैं. उनका नाम किसी न किसी शक्ल में, कुछ समय बाद सामने आता ही रहा है.

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