चमेल सिंह की मौत: केन्द्र के साथ मुद्दा उठाएगा कश्मीर

  • 27 मार्च 2013
कारावास
Image caption एक पाकिस्तानी कारावास की फाईल फोटो

जम्मू कश्मीर सरकार ने कहा है कि वह भारतीय कैदी चमेल सिंह की पाकिस्तानी जेल में मौत के मामले को केंद्र के साथ उठाएगा.

चमेल सिंह की एक पाकिस्तानी जेल में कथित तौर पर यातना की वजह से मौत होने की खबर आने के कुछ दिन बाद राज्य सरकार ने यह बात कही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि पाकिस्तान को एक मज़बूत संदेश भेजा जाए कि इस तरह के कठोर बर्ताव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जम्मू और कश्मीर गृह राज्य मंत्री, सज्जाद अहमद किचलू ने कहा, "हम इस बारे में जानकारी मांगेगे और विदेश मंत्रालय से इस बारे में बात करेंगे.''

उनकी टिप्पणी पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कैदी चमेल सिंह के शरीर पर चार चोटें पाई गई जिनमें एक फ्रेक्चर शामिल था.

चमेल सिंह पर कथित तौर से लाहौर के कोट लखपत जेल के कर्मचारियों ने हमला किया था. किचलू ने कहा कि राज्य सरकार ने चमेल सिंह के शव का वापस लाया जाना सुनिश्चित करने की पहल की है.

बीजेपी की मांग

इस बीच भाजपा नेता बलबीर पुंज ने सरकार से कहा है कि वो पड़ोसी देश से साफ करें कि इस तरह का अमानवीय रवैया बर्दाशत नहीं किया जाएगा.

उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "पाकिस्तान में और पाकिस्तान की ओर से ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं बार बार हो रही है. इससे पहले उन्होंने हमारे दो सैनिकों के सिर काट दिए थे.''

उन्होंने कहा, "मैं समझ सकता हूँ कि युद्ध में लड़ रहे लोगों की मौत हो सकती है. लेकिन इस तरह की क्रूरता और बेदर्दी बहुत दुख की बात है.''

पुंज ने कहा, "इससे पता चलता है कि उनमें भारत और खास तौर पर हिंदुओं के प्रति कितनी नफरत है. कम से कम भारत की सरकार यह तो कर सकती है कि यह स्पष्ट करे कि हम भविष्य में इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे.''

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुस्तफा कमाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं तब तक होंगी जब तक भारत और पाकिस्तान समझौता नहीं कर लेते.

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