बच्चों से अप्राकृतिक यौनाचार: निदेशक, वार्डन गिरफ्तार

  • 31 मार्च 2013
Image caption छत्तीसगढ़ में बाल गृहों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस नें एक बाल गृह के निदेशक और वार्डन को 6 बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. इस बाल गृह में कुल मिलाकर 47 बच्चे रहते थे जिनमें 17 लड़कियां भी शामिल हैं.

पुलिस का कहना है कि 26 मार्च को बाल गृह से चार बच्चियां भाग गईं थीं. इन बच्चियों को 'चाइल्ड हेल्पलाइन' के कार्यकर्ताओं नें ढूंढ निकाला. जांच के दौरान बच्चों नें गृह के निदेशक और वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए.

कुछ बच्चों नें इन दोनों अधिकारियों पर अप्राकृतिक यौनाचार करने का आरोप लगाया जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई. राज्य के बाल अधिकार रक्षा आयोग के अध्यक्ष यशवंत जैन का कहना है कि जांच के दौरान बच्चों नें गृह के अधिकारियों पर प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है.

जिन छह लड़कों नें अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप लगाया उनकी डाक्टरी जांच की जा रही है, जबकि जिले के मोहन नगर थाने में इनके बयान के आधार पर गृह के निदेशक बी नाडउलू और वार्डन जे दिलीप कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

कार्रवाई

घटना के उजागर होने के बाद तितरूडीह इलाके में स्थित बेथल बाल गृह को सील कर दिया गया है और बच्चों को सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे दूसरे बाल गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया है.

पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दुर्ग जिले के इस बाल गृह को निजी संस्थान द्वारा संचालित किया जाता था. आरोपों के बाद जांचकर्ता बच्चों से और भी जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं.

मामले के उजागर होने के बाद प्रदेश में सनसनी फैल गई है.

हाल ही में राज्य के कांकेर और बालोद जिलों में लड़कियों के आश्रम में इसी तरह का मामला सामने आया है.

इन आश्रमों में रहने वाली लड़कियों नें आश्रम के संचालकों और कर्मचारियों पर बलात्कार और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं. कुछ पीड़ित लड़कियों नें आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन जिस्मफरोशी के लिए मजबूर किया गया.

दोनों मामलों में पुलिस नें आश्रम के संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है.

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