पीएम ने जताया खेद, ममता ने रद्द की बैठकें

Image caption ममता बनर्जी

दिल्ली में योजना आयोग के बाहर ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री से हुई धक्का मुक्की के बाद राजनीति गर्म है. प्रधानमंत्री और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मामले पर खेद जताया है तो माकपा ने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का बहाना करार दिया है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दिल्ली में योजना आयोग कार्यालय के बाहर हुई घटना के बहाने पश्चिम बंगाल में माकपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए हैं.

माकपा संसदीय दल प्रमुख ने मंगलवार को योजना आयोग के बाहर हुई घटना की निंदा की और कहा कि पार्टी इस मामले की जांच करवा रही है.

मंगलवार शाम एसएफआई कार्यकर्ताओं ने योजना भवन के बाहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का घेराव किया था और राज्य के वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी.

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प्रधानमंत्री को अफ़सोस

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कई स्थान पर माकपा कार्यालयों में तोड़फोड़ की.

सीताराम येचुरी ने एसएफ़आई नेता सुदीप्तो गुप्ता की हिरासत में मौत की न्यायिक जांच करवाने की मांग भी की.

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कहना है कि हम खुद ही अपने कार्यालयों पर हमले करवा रहे हैं. यह साफ़ है कि वह और ज़्यादा हिंसा करने के लिए बहाने बना रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ हुए बर्ताव की निंदा की है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक धब्बा करार दिया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने योजना आयोग के बाहर ममता बनर्जी के खिलाफ़ हुए प्रदर्शन पर अफ़सोस जताया है.

ममता बनर्जी के कार्यालय से पीएमओ को फ़ोन करके मंगलवार शाम की बैठक रद्द करने को कहा गया था. बताया गया था कि ममता की तबियत ठीक नहीं है.

इसके बाद प्रधानंत्री ने ममता बनर्जी से फ़ोन पर बात की और अफ़सोस जताया.

ममता बनर्जी ने वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ होने वाली मुलाकात को भी रद्द कर दिया है. वह आज कोलकाता लौट जाएंगी.

उधर टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर का कहना है, “वहां हमला करने वाले 40 साल के गुंडे थे. वह एसएफ़आई छात्र कैसे हो सकते हैं?”

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