पांच- छह करोड़ का मालिक हूं: सुब्रत राय

  • 10 अप्रैल 2013
Image caption सहारा समूह के भविष्य को लेकर अनिश्चितता

सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय अपने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेबी के मुख्यालय में पेश हुए. सेबी के अधिकारियों से मुलाकात के बाद बाहर निकले सुब्रत रॉय ने मीडिया से कहा कि उनसे सेबी ने जो भी पूछा, उसके जवाब उन्होंने दिए हैं.

सेबी ने सुब्रत रॉय की निजी संपत्तियों के आकलन के लिए बुलाया था ताकि उन संपत्तियों को बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाए जाएं.

सुब्रत रॉय ने मीडिया से कहा, "मैं अपनी संपत्ति के बारे में लिख कर लाया था, उन्हें दे दिया है. मेरे पास लगभग तीन करोड़ रुपये सोने और रत्न के आभूषण हैं. नकद 34 लाख रुपये हैं. ज्यादा से ज्यादा मेरी निजी संपत्ति पांच-छह करोड़ रुपये की होगी."

सेबी ने इन लोगों से सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा हाउसिंग इवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) और सहारा इंडिया रियल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) के सभी निवेश और संपत्ति के बार में जानकारी मांगी है.

इसके अलावा सेबी ने सुब्रत रॉय और अन्य अधिकारियों के बैंक खातों की जानकारी के साथ साथ 2007-08 से लेकर अब तक जमा की गई आयकर रिटर्न का विवरण भी मांगा है.

एक कप चाय तक नहीं मिली

इसके बार में सुब्रत रॉय ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने सेबी के लोगों को जानकारी दी है. ये पूरा मामला सहारा समूह के निवेशकों के चौबीस हजार करोड़ रुपये लौटाने से जुड़ा है.

सुब्रत रॉय ने कहा, " हम अपने निवेशकों का पैसा लौटा चुके हैं, वे पैसे तो सेबी के पास जमा हैं. सेबी को हमारे निवेशकों की जांच करके वे पैसे लौटाने हैं."

साफ है कि सुब्रत रॉय ने मामले को सेबी की ओर मोड़ने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि हमारे निवेशकों के खाते अगर फर्जी हैं तो सेबी इसकी जांच कराए.

हालांकि मीडिया के सामने सुब्रत रॉय सेबी के अधिकारियों के बर्ताव के बारे में बताना नहीं भूले. उन्होंने कहा, "सेबी के लोगों ने हमें एक काप चाय के लिए नहीं पूछा."

मुश्किलें कम नहीं हुईं

वैसे सहारा समूह की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. उसने सेबी के उस आदेश के ख़िलाफ़ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील की है, जिसमें सेबी ने सहारा समूह के बैंक खातों, संपत्तियों और निवेश को सील करने को कहा था. इस मामले में 13 अप्रैल को सुनवाई होनी है.

सहारा की संपत्तियों में पुणे के नजदीक एम्बी वैली के अलावा दिल्ली, मुंबई और देश भर के अन्य शहरों की संपत्तियों के साथ शेयर, म्युचुअल फंड और अन्य निवेश शामिल हैं.

इसी महीने के अंत में सुप्रीम कोर्ट में उस मामले की सुनवाई भी होगी जिसमें सेबी ने सुब्रत रॉय को गिरफ्तार करने और देश से बाहर जाने पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

सहारा ने पैसे नहीं लौटाए

सहारा हाउसिंग इवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) और सहारा इंडिया रियल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) के ख़िलाफ़ अपने दो अलग-अलग आदेशों में सेबी ने कहा है कि इन दोनों कंपनियों ने बॉन्ड धारकों से 6,380 करोड़ और 19,400 करोड़ रुपए की राशि जुटाई और इसमें 'विभिन्न अनियमितताएं' बरती गईं.

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के अगस्त में सहारा ग्रुप को आदेश दिया था कि वो निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ उनका पैसा लौटाए और सेबी से इस काम को सुगम बनाने को कहा था.

लेकिन सहारा समूह निर्धारित समय के भीतर निवेशकों के पैसे लौटाने में असमर्थ रहा है.

इससे पहले सहारा समूह ने कोशिश की थी कि कोर्ट उन्हें ये पैसा चुकाने के लिए कुछ और समय दे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस याचिका को ख़ारिज कर दिया और साथ ही उन्हें फटकार भी लगाई.

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