डीएसपी हक़ की हत्या का अभियुक्त गिरफ़्तार

Image caption डीएसपी हक़ की हत्या के बाद राजा भैया को मंत्री पद छोड़ना पड़ा

सीबीआई ने शनिवार को डीएसपी ज़िया-उल-हक की हत्या के एक मुख्य अभियुक्त बबलू यादव को प्रतापगढ़ में गिरफ्तार कर लिया. साथ ही जांच एजेंसी ने मामले को सुलझाने का भी दावा किया है.

बबलू यादव जो मृत ग्राम प्रधान नन्हे यादव के बेटे हैं. उन पर यह आरोप था कि उन्होंने ही देसी कट्टे से डीएसपी हक की हत्या की थी.

सीबीआई ने नन्हे यादव के दो भाइयों और उनके यहां काम करनेवालों को भी हिरासत में लिया है.

सूत्रों के हवाले से पीटीआई समाचार एजेंसी ने कहा है कि 19 वर्षीय बबलू ने सीबीआई के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.

सीबीआई अधिकारियों ने मामला हल करने का दावा किया है.

अधिकारियों ने कहा है कि अब वे दो मार्च 2013 को हुए पूरे घटनाक्रम का ब्योरा जानते हैं.

छानबीन

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राजा भैया की भूमिका के बारे में पूछने पर अधिकारियों ने कहा, “बड़े षडयंत्र की छानबीन अभी जारी है.”

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक डीएसपी हक़ नन्हे यादव की हत्या की खबर सुनकर उनके घर गए थे.

उनके घटनास्थल पर पहुंचने के समय तक हत्या की ख़बर पूरे इलाके में फै़ल चुकी थी.

पुलिस की कार्यशैली से नाराज़ लोगों की भीड़ नन्हे यादव के घर के आगे जमा हो चुकी थी.

हक़ के साथ भीड़ की धक्कामुक्की हुई और कथित तौर पर उनके साथी पुलिसवाले घटनास्थल से भाग गए.

भीड़ में नन्हे यादव के भाई सुरेश भी राइफल लेकर मौजूद थे. धक्कामुक्की में सुरेश की रायफल चल गयी और उनकी मौत हो गयी.

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि अपने पिता और चाचा की हत्या से गुस्साए बबूल ने ही हक़ की हत्या कर दी थी.

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