नाटे हैं तो क्या हुआ, पेंशन वाले हैं!

अशोक गहलोत, राजस्थान
Image caption सरकार ने नाटे लोगों को पांच सौ रुपए महीने देने का निर्णय किया है.

हर इन्सान की हसरत ऊँची मंजिल और मुक़ाम हासिल करने की होती है. मगर कद छोटा हो तो जिन्दगी की राह दुश्वार हो जाती है.

क्योंकि कदम कदम पर लोग नाटे आदमी को उसके छोटेपन का एहसास कराते है. लेकिन नाटे कद के लोगो के लिए एक अच्छी खबर है.

राजस्थान की सरकार ने बौने कद के लोगो के लिए विशेष पेंशन देने का ऐलान किया है.

ये फैसला रविवार को जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मोजूदगी में हुई एक बैठक में लिया गया.

सरकारी फैसले के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति का कद तीन फीट छह इंच से कम है तो वह इस पेंशन के हकदार होगा.

अनोखा फैसला

राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता महकमे के आयुक्त अजिताभ शर्मा ने बीबीसी को बताया, "ऐसे लोगो को सरकार ने पांच सौ रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय किया है. इसके लिए उन्हें अधिकृत चिकित्सा पदाधिकारी से अपने कद-काठी के बारे में प्रमाण पत्र देना होगा."

सामाजिक न्याय और आधिकारिता आयुक्त शर्मा से पूछा गया कि राजस्थान में ऐसे बौने लोगों की कितनी तादाद है.

इस पर उनका कहना था, "इस बाबत कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. लेकिन सरकार को लगा कि जिस्मानी तौर पर छोटे कद के लोगो को कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है."

सामजिक कार्यकर्ता अशफाक कायमखानी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

वह कहते हैं, "बौने लोगो को समाज में कई बार ताने सुनने पड़ते है और लोग उनके कद को लेकर उपहास भी करते है."

'विश्वास का भाव'

अशफाक ने कहा, "चूँकि उनका कद सामान्य से छोटा होता है. ऐसे में उन्हें रोजगार मिलने में दिक्कत आती है. फिर काम मिल गया तो मजदूरी में भी भेद-भाव बरता जाता है. ऐसे में बौने व्यक्ति में हीनता का बोध होने लगता है .पेंशन की राशि भले ही छोटी हो. लेकिन इससे नाटे कद के व्यक्ति में एक विश्वास का भाव पैदा होगा."

धर्म कर्म के जानकार कहते है पुराणों में भी नाटे कद का जिक्र मिलता है. क्योंकि भगवान का एक रूप वामन भी है. वामन को भगवान विष्णु को पांचवा अवतार माना जाता है.

भारत की राजनीति में पद का बड़ा बोलबाला है लेकिन ये पहला मौका है जब कद के सबब किसी को पेंशन नसीब होगी.

बहराल कद छोटा होने से इन्सान का दिल और हसरते तो छोटी नहीं हो सकती.

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