उद्योगपति रामप्रसाद गोयनका का निधन

  • 14 अप्रैल 2013
रामप्रसाद गोयनका
Image caption रामप्रसाद गोयनका को स्वतंत्र भारत में उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने का श्रेय दिया जाता है

कोलकाता के सबसे पुराने व्यावसायिक परिवारों के जाने माने उद्योगपति और आरपीजी समूह के संस्थापक रामप्रसाद गोयनका का निधन हो गया है. वो 83 वर्ष के थे.

टायर से लेकर संगीत तक कई व्यापारों में अपना हाथ आज़माने वाले गोयनका को भारत का 'टेकओवर स्पेशलिस्ट' भी कहा जाता था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गोयनका पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने रविवार सुबह कोलकाता में अपने आवास पर अंतिम सांस ली.

गोयनका परिवार सन 1820 में राजस्थान से कोलकाता आए और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ व्यापार शुरू किया.

आर पी गोयनका केशव प्रसाद गोयनका के सबसे बड़े बेटे थे. उनका जन्म 1930 में हुआ था. उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज और हार्वर्ड से पढ़ाई की थी. उनके परिवार में पत्नी सुशीला और दो पुत्र हर्ष वर्धन तथा संजीव हैं.

स्थापना

गोयनका ने 1979 में आरपीजी इंटरप्राइजेज की स्थापना की थी. इसमें फिलिप्स कार्बन ब्लैक, एशियन केबल्स, अगरपारा जूट मिल और मर्फी इंडिया शामिल हैं.

इस समूह की अन्य बड़ी कंपनियां सीईएससी, सिएट, स्पेंसर्स और सारेगामा हैं. साल 1990 में उनके पुत्र हषर्वर्धन आरपीजी इंटरप्राइजेस का चेयरमैन एवं संजीव डिप्टी चेयरमैन बने।

इसके बाद 2011 में अपने ब्रांड की अलग पहचान बनाने के लिए संजीव गोयनका ने आरपी-संजीव गोयनका समूह की स्थापना की थी. हर्ष गोयनका अब भी आरपीजी इंटरप्राइजेस के चेयरमैन हैं.

आर पी गोयनका दोनों समूहों के मानद चेयरमैन थे, जिनका सामूहिक कारोबार लगभग 30,000 करोड़ रुपए है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आर पी गोयनका के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “आज हमने उद्योग जगत के एक सच्चे सपूत को खो दिया है.”

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