जर्मन बेकरी धमाका : हिमायत बेग दोषी करार

  • 15 अप्रैल 2013
Image caption 2010 के धमाके में 17 लोग मारे गए थे

वर्ष 2010 में महाराष्ट्र के पुणे शहर के जर्मन बेकरी में हुए धमाके के लिए एक स्थानीय अदालत ने अभियुक्त मिर्जा हिमायत बेग को दोषी पाया है. उन्हें 18 अप्रैल को सज़ा सुनाई जाएगी.

13 फरवरी 2010 को पुणे के कोरेगाँव पार्क इलाके में हुए एक जबरदस्त धमाके में 17 लोग मारे गए थे और 60 से ज्यादा घायल हुए थे.

महाराष्ट्र के उद्गीर इलाके के रहने वाले मिर्जा हिमायत बेग मामले में एकमात्र अभियुक्त हैं जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया.

उन्हें 7 सितंबर 2010 को पुणे में हिरासत में लिया गया था.

पुलिस के मुताबिक उनके घर से कथित तौर पर 1,200 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था.

हिमायत बेग के वकील ए. रहमान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो अदालत के फैसले के खिलाफ बांबे हाईकोर्ट जाएंगे.

रहमान के मुताबिक जिस तरह के गवाह अदालत के सामने पेश किए गए, उसे लेकर जजों ने बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया.

उधर अभियोजन पक्ष के वकील राजा ठाकरे से जब रियाज़ भट्कल और अन्य फरार अभियुक्तों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बीबीसी मुंबई संवाददाता ज़ुबैर अहमद से कहा, "ये पुलिस का काम है और वो अपना काम कर रहे हैं. पूरा देश चाहता है कि उनके खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई हो."

साइबर कैफे में बनाया बम

अदालत में दायर चार्जशीट में जिन पाँच अन्य अभियुक्तों के नाम शामिल हैं, वो फरार हैं.

इनके नाम हैं मोहसिन चौधरी, यासीन भट्कल, रियाज़ भट्कल, इक़बाल भट्कल और फ़ैयाज़ कागज़ी.

अभियोग पक्ष के अनुसार इस घटना की साज़िश 2008 में कोलंबो में रची गई जहाँ बेग को बम बनाने की ट्रेनिंग गई.

पुलिस के अनुसार बेग ने उद्गीर में अपने साइबर कैफ़े में इस बम को तैयार किया.

उधर बचाव पक्ष के मुताबिक पुणे में जब धमाका हुआ, उस दौरान बेग पुणे के बजाय औरंगाबाद में थे.

जर्मन बेकरी स्थानीय और विदेशी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय था.

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