ड्रग टेस्ट में 'पास' हुए विजेन्द्र

Image caption विजेन्द्र को खेल मंत्रालय की क्लीन चिट मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है.

भारतीय मुक्केबाज विजेन्द्र सिंह को बड़ी राहत देते हुए राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी ( नाडा) ने मंगलवार को कहा कि ड्रग टेस्ट में उनके नमूने निगेटिव पाए गए हैं.

इससे पहले, विजेन्द्र पर संदेह जताया जा रहा था कि उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया है.

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किस अवयवों के बारे में परीक्षण किया गया है.

खेल मंत्रालय चाहता था कि हेरोइन के लिए उनका परीक्षण किया जाए, लेकिन नाडा ने वर्ल्ड एंटी-डेपिंग एजेंसी के प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए ओलंपिक कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी का टेस्ट करने में असमर्थता जताई थी.

परीक्षण

विश्व के पहली पायदान के मिडिलवेट मुक्केबाज रह चुके विजेन्द्र ने शुरुआत में बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने ड्रग्स का सेवन नही किया, लेकिन अपने खून और बाल का नमूना देने से इनकार कर दिया.

लेकिन खेल मंत्रालय के निर्देशों के बाद उन्हें नाडा को अपने खून और पेशाब का नमूना देना पड़ा.

इससे पहले,पुलिस ने सात मार्च को जिराकपुर के शिवालिक विहार में एक अप्रवासी भारतीय के मकान में करीब 26 किलो हेरोइन बरामद की थी. इसकी कीमत लगभग 130 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. विजेन्द्र का नाम ड्रग के खरीदार के रूप में सामने आया था.

संदेह

अप्रवासी भारतीय के मकान के पास ही पुलिस को विजेन्द्र की पत्नी अर्चना की कार भी मिली.

ड्रग कांड के गिरफ्तार आरोपी अनूप सिंह काहलों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि उसने विजेन्द्र सिंह और उनके साथी राम सिंह को हेरोइन बेची थी.

पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि विजेन्द्र ने 12 बार हेरोइन ली. पुलिस ने यह भी कहा कि वह नाडा की रिपोर्ट को नहीं मानेगी क्योंकि उसकी कोई कानूनी वैधता नहीं है.

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