संजय दत्त की तर्ज पर ज़ैबुनिसा को भी मोहलत

Image caption मुंबई के 1993 सीरियल ब्लास्ट में 250 से ज़्यादा लोग मारे गए थे

फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई बम विस्फोट के मामले में दोषी ठहराईं गई ज़ैबुनिसा काज़ी और कुछ अन्य को भी आत्मसमर्पण के लिए चार हफ़्ते की मोहलत दे दी है.

कोर्ट ने कहा 70 वर्षीय ज़ैबुनिसा को मानवीय और स्वास्थ्य आधार पर यह राहत दी गई है.

उनके अलावा कोर्ट ने जिन दोषियों को आत्मसमर्पण के लिए चार हफ़्ते का समय दिया है, उनमें यूसुफ नलवाला भी शामिल हैं.

नलवाला संजय दत्त के दोस्त हैं और उन्हें इस आधार पर राहत दी गई है कि उनकी पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

अब और राहत नहीं

आत्मसमर्पण करने की समय सीमा गुरुवार को ही खत्म हो रही थी इसलिए सुप्रीम कोर्ट तत्काल सुनवाई के लिए तैयार हो गया.

लेकिन न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और बीएस चौहान की पीठ ने यह भी कहा कि अब किसी को भी, किसी भी आधार पर आत्मसमर्पण के लिए और समय नहीं दिया जाएगा.

53 साल के अभिनेता संजय दत्त ने आत्मसमर्पण करने के लिए समय इसलिए मांगा था क्योंकि उन्हें अपनी सात फिल्में पूरी करनी हैं. इन फिल्मों में निर्माताओं ने 278 करोड़ रुपए निवेश किए हैं.

न्यायालय ने मानवीय आधार पर संजय दत्त को आत्मसमर्पण के लिए चार सप्ताह का समय दिया लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह अवधि और नहीं बढ़ाई जाएगी.

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