बलात्कार के बाद ज़िंदगी की जंग लड़ती बच्ची

दिल्ली में पाँच साल की एक लड़की बलात्कार के बाद ज़िंदगी की जंग लड़ रही है. पूर्वी दिल्ली के गाँधीनगर इलाक़े की इस घटना के विरोध में जम कर प्रदर्शन भी हुए हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाँच साल की लड़की के साथ हुई बलात्कार की घटना पर काफ़ी विचलित हुए हैं.

अपने बयान में उन्होंने कहा है, "पीड़ित लड़की को हरसंभव चिकित्सा सहायता दी जाएगी."

उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं के ख़िलाफ़ कुछ पुलिस अधिकारियों के व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गवर्नर से बात की है और उनसे कहा है कि दोषी पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "समाज को अपने आप में गहरे से झाँकने की आवश्यकता है. लोगों को बलात्कार और ऐसे घिनौने अपराध की मानसिकता को ख़त्म करने के लिए काम करना चाहिए. "

आरोप

आरोप है कि पड़ोसी ने कथित तौर पर इस लड़की का अपहरण कर लिया था और फिर उसे 48 घंटे तक एक कमरे में बंद करके उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया.

अभी तक इस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हो पाई है. पीड़ित लड़की के परिजनों और पड़ोसियों का आरोप है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, लेकिन पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि जैसे ही उन्हें इसकी सूचना मिली, उन्होंने कार्रवाई की.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने डॉक्टरों के हवाले से बताया है कि पीड़ित लड़की की हालत गंभीर है और अगले 24 से 48 घंटे उसके लिए काफ़ी अहम हैं.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि जिस मकान में लड़की को क़ैद रखा गया था, वहाँ से गुज़रने वाले एक व्यक्ति ने लड़की के रोने की आवाज़ सुनी और फिर उसे वहाँ से निकाला गया.

ये लड़की पिछले चार दिनों से लापता थी. पुलिस को उसी मकान में रहने वाले एक व्यक्ति पर शक है, जिसकी तलाश की जा रही है.

विरोध प्रदर्शन

Image caption जैसे ही इस बलात्कार की ख़बर फैली, लोग अस्पताल के बाहर जुटने लगे

पहले पीड़ित लड़की को पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाक़े में स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जैसे ही इस घटना की ख़बर लोगों को लगी, अस्पताल के बाहर लोग जुटना शुरू हो गए और सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी भी हुई.

इनमें आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल थे.

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर एके वालिया को लोगों के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा और पुलिस ने लोगों के आक्रोश से उन्हें बचाया. अब लड़की को एम्स में भर्ती कराया गया है.

स्वामी दयानंद अस्पताल के प्रमुख आरएन बंसल ने बताया, "जब लड़की को अस्पताल लाया गया, तो वो काफ़ी सदमे में थी. उसके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे."

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि पुलिस ने बलात्कार और हत्या की कोशिश के इस मामले की जाँच शुरू कर दी है.

एक और 'गैंगरेप'

Image caption एक बार फिर दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं

एक अन्य घटना में 19 वर्षीय महिला के साथ कथित गैंगरेप की शिकायत की भी दिल्ली पुलिस जाँच कर रही है.

रिपोर्टों के मुताबिक़ ये महिला नौकरानी के रूप में काम करती थी और लिफ़्ट देने के नाम पर कुछ लोगों ने उस महिला को अपनी गाड़ी पर बैठाया और फिर कथित रूप से उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया है कि इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. ये महिला गुरुवार को अर्धनग्न अवस्था में सड़क किनारे पाई गई थी.

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ये महिला को भी काफ़ी आघात लगा है, लेकिन शरीर पर चोटों के निशान नहीं है.

पिछले साल दिसंबर में एक लड़की के साथ चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले को लेकर देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. बाद में उस लड़की की मौत हो गई थी.

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