दो बार तलाशी लिए जाने पर बिफरीं मायावती

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Image caption चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक गई थीं मायावती

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने कर्नाटक में अपनी दो बार तलाशी लिए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है.

चुनाव आयोग के 'उड़ान दस्ते' ने चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक गईं मायावती की ये तलाशी ली. मायावती का कहना है कि दलित महिला होने के कारण उनके साथ ऐसा किया है.

स्थानीय पत्रकार भास्कर हेगड़े के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि कुछ विशिष्ट लोगों को छोड़ कर जो भी नेता आते हैं उनकी कार या हेलीकॉप्टर की तलाशी ली जाती है.

गुरुवार को गुलबर्ग गए कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर की कार की भी तलाशी ली गई थी.

दोबारा तलाशी पर नाराज

कर्नाटक में 5 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने गईं मायावती का हेलीकॉप्टर जैसे ही गुलबर्ग जिले के जेवारगी में उतरा तो चुनाव आयोग के दस्ते ने उनके हेलीकॉप्टर की तलाशी ली.

इस दौरान उन्हें मायावती के बैग से एक लाख रुपये मिले जिन्हें जब्त नहीं किया गया. दरअसल मायावती ने बताया कि ये पैसे हेलीकॉप्टर में सफर कर रहे उनके समर्थकों के हैं.

उन्होंने अधिकारियों को ये भी बताया कि नियमानुसार एक व्यक्ति 50 हजार तक की रकम अपने साथ लेकर चल सकता है.

इसके बाद जब मायावती जेवारगी में रैली के लिए बने मंच पर चढ़ रही थीं तो उड़ान दस्ते ने फिर बीएसपी अध्यक्ष और उनकी कार की तलाशी ली. इस पर मायावती बेहद नाराज हो गईं.

मायावती के खिलाफ मामला

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि दोबारा तलाशी की क्या जरूरत पड़ी गई.

उनके अनुसार, “जब इस इलाके में सोनिया गांधी (कांग्रेस अध्यक्ष) और सुषमा स्वराज (बीजेपी नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता) चुनाव प्रचार के लिए आईं तो क्या आपने उनकी तलाशी ली. आप इसलिए मेरी तलाशी ले रहे हैं क्योंकि मैं एक दलित महिला हूं.”

गुलबर्ग के उपायुक्त केजे जगदीश ने कहा है कि उड़ान दस्ते ने तलाशी को रिकॉर्ड किया है और वो चुनाव आयोग को इसकी रिपोर्ट भेजेंगे.

भास्कर हेगड़े ने बताया कि गुलबर्ग के जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा पहुंचाने के लिए मायावती के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.

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