क्या आपके साथ भी हुई है इंटरनेट पर बदतमीजी?

  • 2 मई 2013
Image caption सागरिका और मीना बड़ी हस्तियां हैं लेकिन आम लोगों के साथ भी साइबर बुलिंग की घटनाएं सामने आई हैं.

सागरिका घोष और कई जानी-मानी महिलाओं के साथ सोशल-नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर बीबीसी की रिपोर्ट आपने पढ़ी.

हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर हैंडल @bbchindi पर कई टिप्पणियां दी हैं. इन टिप्पणियों में कई सवाल भी उठाए गए हैं, जिनके जवाब देने की मैं कोशिश करूंगी.

हो सकता है कि आपके या आपके जाननेवालों में किसी के साथ, सोशल मीडिया या इंटरनेट पर अभद्रता हुई हो. इससे निपटने के लिए विशेषज्ञों के उपाय. कल यानि शुक्रवार को बीबीसी फेसबुक पर लाइव चैट कर रहा है.

शाम चार बजे आपके सवालों का जवाब देंगे, इंटरनेट पर महिलाओं के साथ बदतमीज़ी और अभद्रता पर शोध कर किताब प्रकाशित करनेवाले, प्रोफेसर के. जयशंकर और वकील देबरती हल्दर.

सवालों के जवाब

अजय कुमार, गणपत सिंह राजपुरोहित ने इन महिलाओं पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया, गौरव बहुगुणा ने सागरिरका की पत्रकारिता पर भी सवाल उठाए. पर इन महिलाओं का कहना है कि, परेशानी यही है कि पत्रकारिता की आलोचना या किसी राय पर बहस करने की जगह, अभद्र टिप्पणियों के ज़रिए उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है.

एक उपाय के तौर पर राजीव रंजन भारती ने कहा कि ‘सेंसरशिप ज़रूरी है’. लेकिन बीबीसी से बातचीत में सागरिका घोष ने साफ़ तौर पर सेंसरशिप का विरोध किया. उन्होंने कहा, “मुझे ये बहुत दुख देता है कि आज़ाद ख़्याल रखने की जगह – ट्विटर – पर ऐसा हो रहा है, लेकिन ये जगह बहुत ज़रूरी है ताकि सब तबके के लोग अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकें.”

जहां आलोचना हुई है, वहीं देवाराम जानी, उमर गोरी, सुनील कुमार, प्रदीप शर्मा और महामाया प्रसाद पांडे ने हमारी रिपोर्ट के ज़रिए अपनी आवाज़ उठाती इन महिलाओं को प्रोत्साहन भी दिया है.

लाइव चैट - कैसे हिस्सा लें

बीबीसी हिन्दी की लाइव चैट में शामिल होने के लिए कल शाम चार बजे आप हमारे फेसबुक पन्ने पर आइए और ट्विटर पर @bbchindi को फॉलो करें.

फेसबुक पर हम आपके सवालों के जवाब देंगे. और इसके लिए बुलाए गए एक्सपर्ट, डॉ. जयशंकर और देबरती हल्दर, क्रिमिनॉलॉजी और कानून के विषयों में महारत रखते हैं.

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