सनाउल्ला की हालत गंभीर, मौत की ख़बर ग़लत

  • 4 मई 2013
सनाउल्ला
Image caption पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों ने सनाउल्ला का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी मुलाकात की है (फाइल फोटो)

भारत में पाकिस्तानी क़ैदी सनाउल्ला हक़ की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. पीजीआई चंडीगढ़ में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर कहा कि उनके रक्तचाप को ठीक रखने के लिए दवाओं की मदद लेनी पड़ रही है.

इस बीच सनाउल्ला पर कथित रूप से हमला करनेवाले विनोद कुमार को मामले की जांच के लिए सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

पीजीआई अस्पताल के पीआरओ डॉक्टर मंजू वाडवाल्कर ने कहा, "सनाउल्ला की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनके रक्तचाप को दवाओं के बल पर नियंत्रित रखा जा रहा है."

इस बीच पाकिस्तान की मीडिया में ये ख़बर आई थी कि सनाउल्ला हक़ की मौत हो गई है. लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विटर पर इस ख़बर का खंडन किया है. बीबीसी संवाददाता विनीत खरे द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने ट्विटर में लिखा कि 'ये ख़बर पूरी तरह ग़लत है.'

हर दिन देख सकेंगे

इस बीच भारत ने शनिवार को पाकिस्तानी अधिकारियों को सनाउल्ला हक़ को हर दिन देखने की अनुमति दी है.

इससे पहले भारत से मिले सहयोग की वजह से पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों की एक टीम शनिवार सुबह पीजीआई चंडीगढ़ में घायल पाकिस्तानी कैदी सनाउल्ला को देखने पहुंची.

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत के प्रधानमंत्री ख़ुद इस मामले पर नज़र रखें और इस मामले की गहन जांच करा कर दोषियों को सज़ा दिलाएं.

हमला

जम्मू के कोट बलावल जेल में क़ैद पाकिस्तानी नागरिक सनाउल्ला हक़ पर कुछ क़ैदियों ने जानलेवा हमला किया था.

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, “पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों ने चंडीगढ़ के अस्पताल में तड़के साढ़े तीन बजे घायल क़ैदी सनाउल्ला को देखा. उन्होंने उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी मुलाकात की.”

भारत ने बीती रात पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को घायल क़ैदी से मुलाकात करने के लिए राजनयिक पहुंच की अनुमति दी थी. इसके लिए तीन अधिकारियों और एक ड्राइवर को यात्रा की इजाज़त दी गई थी.

पाक की मांग

पाकिस्तान ने कहा है कि भारत सरकार भारत के जेल में बंद सभी पाकिस्तानी क़ैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और जिन क़ैदियों की सज़ा पूरी हो चुकी है उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी करे.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सनाउल्ला के परिवार को यह आश्वासन दिया है कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की कोशिश की जाएगी.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि विदेश सचिव ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से सनाउल्ला को पाकिस्तान लाकर इलाज कराने की बात की है.

पाकिस्तान के सियालकोट निवासी सनाउल्ला को इस घटना में घायल होने के बाद जम्मू के कोट बलावल जेल से तत्काल सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था.

डॉक्टरों द्वारा उनकी हालत गंभीर बताए जाने के बाद उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई भेज दिया गया.

भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत के एक दिन बाद सनाउल्ला पर हमले की घटना हुई. सरबजीत पर गत 26 अप्रैल को लाहौर जेल में छह कैदियों ने बर्बर हमला किया था. इस हमले में आई चोटों की वजह से वे कोमा में चले गए थे, बाद में उनकी मौत हो गई थी.

बदले की कार्रवाई

पाकिस्तानी नागरिक सनाउल्ला हक़ पर हुए जानलेवा हमले को पाकिस्तान ने बदले की कार्रवाई बताते हुए गहरी चिंता जताई है.

पाकिस्तान ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर भारत सरकार से सनाउल्ला को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और पाक उच्चायोग के अधिकारियों को कै़दी से मिलने की इजाज़त देने की मांग की थी.

जम्मू से वरिष्ठ पत्रकार बीनू जोशी के अनुसार पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ इस कैदी पर हमला उस समय हमला हुआ जब वे घास काट रहे थे.

सनाउल्ला हक पाकिस्तान के सियालकोट के निवासी हैं. उन्हें 17 साल पहले गिरफ़्तार किया गया था. उन पर हत्या समेत कुल आठ मामले चल रहे हैं. इनमें से दो में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.

भारतीय सेना के पूर्व सैनिक विनोद कुमार ने सनाउल्ला पर जेल में घास काटने के दौरान हमला किया. वे इस जेल में पिछले छह साल से बंद हैं. लद्दाख तैनाती के दौरान विनोद पर अपने एक सहकर्मी की हत्या का आरोप था. कोर्ट मार्शल में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

इस घटना के बाद राज्य की 14 जेलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इन जेलों में 80 पाकिस्तानी नागरिक बंद हैं.

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