पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह की मौत

  • 9 मई 2013
सनाउल्ला हक़
Image caption सनाउल्ला हक़ पर जम्मू जेल में बंद एक पूर्व भारतीय सैनिक ने हमला किया था.

पाकिस्तानी क़ैदी सनाउल्लाह हक़ की चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में इलाज़ के दौरान गुरुवार सुबह पांच बजकर 36 मिनट पर मौत हो गई.

स्थानीय पत्रकार विषभ भारती ने बताया कि सनाउल्लाह की मौत कई अंगों के एकसाथ काम करना बंद कर देने की वजह से हुई. हालत बिगड़ने के बाद उन्हें डायलिसिस पर रखा गया था.

उन्होंने बताया कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि उनका पोस्टमार्टम कहां होगा और उनका शव पाकिस्तान कैसे ले जाया जाएगा.

चंडीगढ़ के एक होटल में रुके सनाउल्लाह के परिजनों को उनकी मौत की ख़बर दे दी गई है.

पीजीआई अस्पताल की ओर से पहले जारी बुलेटिन में कहा गया था कि सनाउल्लाह की हालत बहुत ही नाजुक है. उनके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था और उनके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया था.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान उच्चायोग में फर्स्ट सेक्रेटरी प्रेस सुल्तान हसन ने बीबीसी संवाददाता रूपा झा को बताया,''हमने भारतीय विदेश मंत्रालय से सनाउल्लाह के शव को विमान से पाकिस्तान ले जाने की इजाजत मांगी है.''

उन्होंने बताया कि इजाजत मिलने के बाद हम शव को हवाई जहाज से पाकिस्तान के सियालकोट ले जाएंगे. वहां से 15-16 किलोमीटर की दूरी पर ही सनाउल्लाह का गांव है. शव के साथ पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारी और सनाउल्लाह के रिश्तेदार जाएंगे.

उन्होंने बताया कि सनाउल्लाह का पोस्टमार्टम और शव को सुरक्षित करने का काम सुबह साढ़े ग्यारह बजे शुरू होगा. इसमें तीन-चार घंटे का समय लगेगा.ऐसे में दो बजे से पहले हमें शव नहीं मिल पाएगा. उसके बाद शव को लेकर पाकिस्तान जाने की हमारी योजना है. लेकिन यह सब यहां की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा. हमने अपनी योजना की जानकारी विदेश मंत्रालय को दे दी है.

सुल्तान हसन ने बताया कि बुधवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे उच्चायोग के दो अधिकारी और सनाउल्लाह के रिश्तेदार उन्हें देखने पीजीआई चंडीगढ़ गए थे.

हसन ने आरोप लगाया कि वहाँ पुलिस ने हमसे अपमानजनक व्यवहार किया और एक अधिकारी को धक्का दे दिया. अधिकारियों से कहा गया कि उनके पास सनाउल्लाह को देखने के इजाजत नहीं है. अधिकारियों के जोर देने पर उन्हें डॉक्टर से मिलने को कहा गया.उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत दर्ज करा दी गई है.

हमले के बाद

तीन मई को उन पर भारतीय सेना के पूर्व सैनिक ने जम्मू की कोट बलवल जेल में घास काटने के दौरान हमला किया था.उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं और वे कोमा में चले गए थे. पहले तो उनका जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज किया गया. लेकिन बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए हवाई एंबुलेंस से पीजीआई चंडीगढ़ लाया गया था.

भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की पाकिस्तान की एक जेल में हुई मौत के बाद यह घटना सामने आई थी. जिस समय यह घटना हई, उस समय सरबजीत सिंह का अंतिम संस्कार हो रहा था.

सनाउल्लाह हक़ पाकिस्तान के सियालकोट के निवासी थे. उन्हें 17 साल पहले भारत में गिरफ़्तार किया गया था. उन पर हत्या समेत कुल आठ मामले चल रहे थे. इनमें से दो में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

इस घटना को पाकिस्तान ने बदले की कार्रवाई बताया था. पाकिस्तान ने अपने उच्चायोग के अधिकारियों को कै़दी से मिलने की इजाज़त मांगी थी. इस मांग पर भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को सनाउल्लाह से मिलने की इजाजत दे दी थी.

पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी शनिवार को सनाउल्लाह को देखने अस्पताल गए थे.

परिवार की मांग

चंडीगढ़ पीजीआई में सनाउल्लाह के परिजन भी मंगलवार को उन्हें देखने आए थे. उनके परिजनों ने उन्हें पाकिस्तान भेजने की मांग की थी.

सनाउल्लाह के साले मोहम्मद शहज़ाद ने बीबीसी से कहा था,"उम्मीद की किरण बहुत कम नज़र आ रही है. डॉक्टरों के मुताबिक़ सनाउल्लाह का दिमाग़ काम नहीं कर रहा है. (इस लिहाज़ से) उनकी मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी है. बस वेंटिलेटर की वजह से उनके दिल की धड़कन चल रही है."

मोहम्मद शहज़ाद और सनाउल्लाह के भांजे मोहम्मद आसिफ़ को सोमवार को वीज़ा जारी किया गया था.

संबंधित समाचार