'भारत-पाक अब भी एक जात एक खू़न है'

  • 9 मई 2013
ट्विटर पर सनाउल्लाह की मौत
Image caption सनाउल्लाह की मौत पर भारत और पाकिस्तान की ओर से ट्विटर पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही है.

पाकिस्तानी कैदी सनाउल्ला हक़ की मौत गुरुवार को जम्मू के एक अस्पताल में हो गई. उनकी मौत के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इस बारे में लोगों की मिली जुली प्रतिक्रयाएं आनी शुरु हो गई हैं.

सनाउल्ला की मौत पर भारत और पाकिस्तान में ट्विटर पर लोग क्या लिख रहे है, आइए देखते हैं.

भारत से ट्वीट

भारत में कुछ लोग मानते हैं कि सनाउल्लाह की मौत की आलोचना बिना किसी ‘किन्तु और परन्तु’ के की जानी चाहिए जबकि पाकिस्तान के लोगों के अनुसार सनाउल्लाह की मौत बदला है सरबजीत सिंह की मौत का.

सरबजीत की मौत 26 अप्रैल को लाहौर जेल में एक कैदी द्वारा किए गए हमले के बाद हो गई थी.

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने लिखा है,“हालांकि इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, मैं सनाउल्ला हक़ के परिवार का क्षमाप्रार्थी हूं और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जाहिर करता हूं.”

वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त लिखती हैं, “प्रत्येक विवेकशील भारतीय को बिना आगे पीछे सोचे सनाउल्लाह के साथ हुई हिंसा की भर्त्सना करनी चाहिए. बिलकुल वैसे ही जैसी हमने सरबजीत की मौत के बाद की थी.”

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने बरखा दत्त से सहमत होते हुए लिखा है, “किसी खास देश का नागरिक होने के नाते हमारा अपना पक्ष होता है, और ऐसा होना वाजिब है. मगर एक इंसान होने के नाते हमें समझना होगा कि सनाउल्लाह की मौत भी उतनी ही दुखद है जितनी सरबजीत की मौत. ”

शबाना आजमी कहती हैं, “महात्मा गांधी ने कहा था कि ’आंख के बदले आंख’ की नीति गलत है. इससे तो पूरी दुनिया अंधी हो जाएगी. हमें सनाउल्लाह और सरबजीत की मौत का गहरा दुख है. ये मानवता की अपूरणीय क्षति है.”

जाने माने फिल्मकार और पत्रकार प्रीतिश नंदी ने ट्विट किया, “हाथों में बैगपाइप लिए हुए सनाउल्लाह को देख कर एक आम इंसान की बेहद करुणाजनक छवि उभरती है. वे ऐसे इंसान के रुप में दिखते हैं जो किसी खतरनाक लड़ाई में बेवजह ही फंस गया हो.”

सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदीने लिखा है, “ये वक्त भारत ओर पाकिस्तान दोनों के मानवीयता दिखाने का है. दोनों देशों को सनाउल्लाह और सरबरजीत की मौत के लिए माफी मांगनी चाहिए.”

वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष कहती हैं, “पहले सरबजीत मरा, अब सनाउल्लाह की मौत हो गई. ऐसे में जरूरी है कि हर भारतीय ये वादा करे कि वह आज के बाद भारत में किसी भी पाकिस्तानी को कोई नुकसान नहीं होने देगा. लोकतंत्र की, मानवता की भावना भी यही है.”

पाकिस्तान से ट्वीट

Image caption बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता ने सनाउल्लाह की मौत के बारे में ट्वीट किया है.

दूसरी ओर पाकिस्तान में सनाउल्लाह हक़ की मौत पर कई चर्चित हस्तियां ट्विटर पर अपनी भावनाएं जाहिर कर रही हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता अंसार बर्नी लिखते है, “भारतीय सेना के पूर्व सैनिक विनोद कुमार ने भारत के जम्मू जेल में पाकिस्तानी कैदी पर हमला किया. सनाउल्लाह की मौत राज्य द्वारा की गई एक हत्या है.”

परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर खान की पार्टी तहरीक-ए-तहाफुज-ए-पाकिस्तान ने ट्वीट किया, “भारत, तुम्हें बधाई हो!, 14 निर्दोष पाकिस्तानियों की जान लेने वाले जासूस की मौत का बदला तुमने एक मासूम की जान लेकर लिया है. गर्व महसूस करो.”

पत्रकार उमर कुरैशी ने ट्वीट किया है, “पाकिस्तान की ही तरह, भारत को भी अपने जेल में किसी पाकिस्तानी कैदी पर हुए हमले और मौत की पड़ताल करने और दोषियों को सजा देने की जरूरत है”

टीवी एंकर मुबाशर लुकमन ने ट्वीट करते हुए गुजारिश की है, “सनाउल्लाह एक ‘शहीद’ हैं, और मैं आप सबसे विनती करुंगा कि उनके लिए ‘हलाक’ शब्द का इस्तेमाल ना करें. शुक्रिया.”

पत्रकार बीना सरवर लिखती हैं, “दो जिंदगियां, गरीब परिवार के दो लोगों की, खत्म हो चुकी हैं. आशा है कि ये दोनों मौतें बेकार नहीं जाएंगीं. अब भारत पाकिस्तान को अपनी जेल नीति पर दोबारा गौर करना चाहिए.”

पत्रकार फैजन लखानी ने कहा है, “शर्म की बात है कि एक पाकिस्तानी कैदी पर भारत के जेल में हमला हुआ और उसकी मौत हो गई. उस कैदी पर जेल में कुल्हाड़ी से वार किया गया.”

पाकिस्तान की राजनीतिक मामलों की जानकार मलीहा लोदी ने लिखा है, “’जैसे को तैसा’ की ये नीति दुखद है. भारतीय जेल में पिछले हफ्ते हुए हमले के बाद पाकिस्तानी कैदी की मौत हो गई.”

और बांग्लादेश की जानी मानी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ट्विटर पर लिखा, “ सरबजीत और सनाउल्लाह की मौत ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि भारत का विभाजन गलत था. भारत और पाकिस्तान आज भी एक जात, एक खून हैं!”

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