आईपीएल सट्टे में डूबा पैसा, तो बने 'हत्यारे'

Image caption मुंबई पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है

क्रिकेट में सट्टा लगाने के चक्कर में कई लोग कर्ज़ में डूब जाते हैं, लेकिन उस कर्ज़ को चुकाने के लिए कोई किस हद तक जा सकता है?

मुंबई में ऐसा मामला सामने आया है जिसमें दो युवकों ने आईपीएल सट्टे से चढ़ा कर्ज़ उतारने के लिए कथित तौर पर अपने ही रिश्तेदार के बेटे का अपहरण कर लिया.

बच्चे के पिता ने उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया. आरोप है कि इसके बाद एमबीए पास इन युवकों ने बच्चे की हत्या कर उसका शव फेंक दिया.

फिरौती की मांग

मुंबई पुलिस के मुताबिक 28 वर्षीय हिमांशु रान्खा और उनके दोस्त बिजेश सांघवी ने 13 वर्षीय अदित्य रान्खा को अगुवा कर उनके पिता से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई.

मुंबई ज़ोन-2 के डीसीपी निसार तंबोली ने बीबीसी को बताया, “ये दोनों अभियुक्त पढ़े-लिखे हैं और इन्हें एमबीए की डिग्री हासिल है. हिमांशु औऱ बिजेश आईपीएल में सट्टा लगाते थे, जिसके दौरान इन्हें बड़ा नुकसान हुआ.”

उन्होंने बताया, “इसके बाद हिमांशु ने अपने दोस्त बिजेश के साथ मिल कर अपने ही चचेरे भाई अदित्य का अपहरण कर लिया. फिर उसके पिता से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी. अदित्य के पिता ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया, तो दोनों अभियुक्तों ने बच्चे की जान ले ली.”

पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने किसी बहाने से बच्चे को अपने घर के नीचे बुलाया, जिसके बाद उन्होंने बच्चे को गाड़ी में धकेला और वहां से फरार हो गए.

इसके बाद हिमांशु ने अपना नाम बदलकर अपने चाचा, यानी अदित्य के पिता को फिरौती की मांग के लिए फोन किया.

मदद का नाटक

आदित्य के पिता जितेंद्र ने उन्हें गंभीरता से न लेकर बच्चे को ढूंढना शुरू कर दिया. जब उन्हें अपना बेटा नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी.

दिलचस्प बात ये है कि जिस वक्त जितेंद्र पुलिस स्टेशन में ये गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज करवा रहे थे, तब ये दोनों अभियुक्त उनके साथ मौजूद थे.

दोनों ही उनकी मदद करने का नाटक कर रहे थे.

लेकिन पुलिस की छानबीन के दौरान बिजेश की गाड़ी से बच्चे की चप्पल और खून के धब्बे मिले, जिसके बाद शक की सुई बिजेश की ओर घूमी.

डीसीपी निसार तंबोली ने बताया, “गाड़ी में मौजूद सबूत के बारे में जब बिजेश से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उन्हें आईपीएल के दौरान सट्टेबाज़ी में भारी नुकसान हुआ था, जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने ये योजना बनाई. लेकिन जब अदित्य के पिता ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया, तो उन्होंने बच्चे की हत्या कर दी.”

बच्चे का शव मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पास कालम्बोली से मिला.

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