अपने जीवन पर बन रही फ़िल्म से नाराज़ है निकम

Image caption सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के जीवन पर बन रही है फ़िल्म

पिछले कई सालों से आपने सरकारी वकील उज्ज्वल निकम को समाचार चैनलों पर प्रतिक्रिया देते देखा होगा. मुक़दमा बॉलीवुड स्टार संजय दत के ख़िलाफ़ हो या फिर पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब के विरुद्ध वो उन्हें सज़ा दिलाने में कामयाब हुए हैं.

अब उनकी इस कामयाबी पर उन्हें आप बड़े पर्दे पर भी देख सकते हैं.

'तारे ज़मीन पर' और 'मंगल पांडे' जैसी फ़िल्मों के सहायक निर्देशक सुवाहदन आंग्रे उज्ज्वल निकम की ज़िन्दगी और उनकी कामयाबी पर एक फ़िल्म बना रहे हैं.

ये फ़िल्म सितंबर में रिलीज़ होगी. फ़िल्म पर 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.

हाईप्रोफ़ाइल वकील की ज़िंदगी पर आधारित ये फ़िल्म हिंदी, मराठी और तेलगू में बन रही है.

नाराज़ हैं निकम

इस समय फ़िल्म की शूटिंग हैदराबाद में हो रही है. 33 साल के निर्देशक सुवाहदन आंग्रे ख़ुद उज्ज्वल निकम की भूमिका निभा रहे हैं.

एक अहम सवाल ये है कि अपने जीवन के ऊपर बन रही फ़िल्म से क्या उज्ज्वल निकम ख़ुश हैं? शायद नहीं.

वो इस बात से नाराज़ हैं कि फ़िल्म के 80 प्रतिशत पूरी होने के बाद उन्हें इसके बारे में बताया गया.

Image caption अजमल कसाब को सजा दिलाए जाने में उज्ज्वल निकम की अहम भूमिका रही है

फ़िल्म निर्देशक से अपनी मुलाक़ात का हवाला देते हुए वो बीबीसी से बातें करते हुए कहते हैं, "वो मुझे पिछले हफ्ते मिले थे. तब मुझे पता चला हमारे ऊपर फ़िल्म बन रही है. मैंने उनसे ये भी कहा की भाई मेरी इजाज़त के बग़ैर तुमने फ़िल्म का एलान कैसे कर दिया."

दूसरी तरफ फ़िल्म निर्देशक सुवाहदन आंग्रे कहते हैं वो उज्जव निकम को दो साल पहले ही इस फ़िल्म के बारे में बता चुके थे.

प्रसिद्ध मुकदमों पर है फ़िल्म

आंग्रे ने बताया,"उज्जवल सर के साथ हमारी मुलाक़ात दो साल पहले हुई थी. मैंने उनको बताया था कि हम उनके ऊपर फ़िल्म बना रहे हैं. पहले उन्होंने मना कर दिया था. दो तीन मुलाकातों के बाद उन्हें हमने मना लिया."

जब बीबीसी ने उनसे पूछा कि क्या आप फ़िल्म बनाने के लिए किए गए रिसर्च के दौरान उज्ज्वल निकम से मिले थे.

तो उन्होंने इसका सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया.

उज्ज्वल निकम के मुताबिक निर्देशक ने उन्हें बताया कि रिलीज़ से पहले वो उन्हें पूरी फ़िल्म दिखाएँगे वो फ़िल्म देखने के बाद ही बता सकेंगे कि वो इस से संतुष्ट हैं कि नहीं.

फ़िल्म का टाइटल "आदेश-पावर ऑफ़ लॉ” है. इस फ़िल्म में उज्ज्वल निकम द्वारा सरकारी वकील की हैसियत से लड़े गए चार प्रसिद्ध मुकदमों को नाटकीय रूप से फ़िल्माया जा रहा है.

फ़िल्म निर्देशक आंग्रे कहते हैं उनकी फ़िल्म का मकसद कानून को साकारात्मक रूप से दिखाना है.

वे कहते हैं, “भारत में लॉ एंड आर्डर के प्रति पब्लिक का दृष्टिकोण ग़लत हो रहा है उसे इस फ़िल्म और कैरेक्टर द्वारा हम पॉजिटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.”

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