पंजाब में क्यों खुल रहे है ऑनलाइन कसीनो ?

  • 30 मई 2013

कृषि संकट से जूझ रहे पंजाब में एक तरफ जहां हज़ारों किसान कर्ज़ तले दबे हैं और लाखों लोग नशे की गिरफ्त में हैं, वहां सरकार ने ऑनलाइन लॉटरी और घोड़ों की रेस पर सट्टेबाज़ी की इजाज़त दी है.

गोवा और सिक्किम के बाद पंजाब तीसरा राज्य होगा जहां ऑनलाइन लॉटरी की इजाज़त होगी.

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ऑनलाइन लॉटरी और रेस पर सट्टेबाज़ी को वैध बनाकर राज्य सरकार अपना राजस्व बढ़ाना चाहती है.

पंजाब के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींड्सा ने बीबीसी को बताया, ''पिछले एक साल से कोशिश की जा रही थी कि किसी अन्य स्रोत से धन लाया जाए ताकि सरकार का घाटा कम किया जा सके. साथ ही गैरकानूनी लॉटरी का भी प्रभाव कम करने के लिए हम ऑनलाइन लॉटरी ला रहे हैं.''

लॉटरी के दुष्प्रभाव

वित्त मंत्री मानते है कि ऑनलाइन लॉटरी का समाज पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन राजनीतिक दलों और विश्लेषको का मानना है कि इस योजना से आम लोगों का सिर्फ नुकसान ही होगा.

Image caption कुछ राजनीतिक दल और सामाजिक विश्लेषक मानते हैं कि लॉटरी से आम लोगो का नुकसान होगा.

समाजशास्त्री परमजीत सिंह जज कहते हैं, ''समाज पर इसका असर धीरे-धीरे होता है. ऐसी संभावनाएं है कि इससे कुछ लोग बर्बाद होंगे. विकास की बात करें तो कोई खास विकास भी नहीं हो रहा है, आटा दाल स्कीम भी बंद कर दी गई है. गरीब आदमी को इससे क्या फायदा होगा, ये तो जुआ है.''

पंजाब में राजनीतिक गलियारों में भी सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है.

पंजाब सीपीआई के सचिव डॉ. जोगिंदर दयाल ने कहा, ''लॉटरी की स्कीम पहले भी पंजाब में चलाई जाती रही है जिसे इसलिए बंद कर दिया गया था कि उनसे लोगों का नुकसान होता था. अब ऑनलाइन लॉटरी लाई जा रही है जिससे एक बार फिर लोग ठगे जाएंगे. अगर भारत के दूसरे प्रांतों की तरफ देखें तो नज़र आएगा की ऐसी योजनाओं से लोगों का कितना नुकसान होता है.''

उन्होंने आगे कहा, ''सरकार राजस्व कमाकर उसे विकास योजनाओं में लगाना चाहती है लेकिन यहां तो हालात ऐसे है कि केंद्र से मिले अनुदान ही पूरी तरह से खर्च नहीं हो पाते.''

ऑनलाइन लॉटरी का संचालन

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार 'लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998' और 'पंजाब स्टेट लॉटरीज़ रूल्स 1998' के तहत ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया का संचालन किया जाएगा.

पंजाब के वित्त मंत्री का अनुमान है कि ऑनलाइन लॉटरी से पहले ही साल में करीब 250 करोड़ रुपए कमा लिए जाएंगे.

ऑनलाइन लॉटरी के संचालन के लिए एक केंद्रीय कंप्यूटर टर्मिनल बनाया जाएगा जिससे अलग-अलग जगहों पर लगे रिटेल सेंटर के कंप्यूटर जुड़े होंगे. ये नेटवर्क सरकार से मान्यता प्राप्त होगा और इसकी निगरानी भी होगी.

रेस कोर्स भी बनेंगे

Image caption अलग-अलग जगह ऑनलाइन लॉटरी के रिटेल सेंटर स्थापित करने के लिए सरकार डिस्ट्रीब्यूटर बनाएगी

राज्य में ऑनलाइन लॉटरी के रिटेल सेंटर स्थापित करने के लिए सरकार डिस्ट्रीब्यूटर बनाएगी जो आगे की गतिविधियां संभालेंगे. डिस्ट्रीब्यूटरों का चयन टेंडर के ज़रिए एक समिति करेगी.

एक अध्यादेश के जरिए 'दी पंजाब हॉर्स रेस रेगुलेशन एंड मैनेजमेंट एक्ट 2013' को अस्तित्व में लाया जाएगा जिसके तहत रेस कोर्स प्रबंधन, सट्टेबाज़ी, मान्यता बांटने जैसे तमाम कार्यों का निर्धारण किया जाएगा.

पंजाब में कई रेस कोर्स के निर्माण की भी योजना है जिसमें पहला लुधियाना के पास मट्टेवारा में बनाया जाना है.

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