आईपीएल: श्रीनिवासन पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ा

राजीव शुक्ला (फाइल फोटो)
Image caption राजीव शुक्ला ने पहली बार श्रीनिवासन पर कोई बयान दिया है.

आईपीएल-6 में खेले गए मैचों के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोप में चेन्नई सुपरकिंग्स के 'प्रमुख' और बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद श्रीनिवासन पर इस्तीफ़ा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

बुधवार को श्रीनिवासन की मुश्किलें उस समय समय और बढ़ गईं, जब आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने बोर्ड के सदस्य अरुण जेटली से मुलाक़ात के बाद कहा कि श्रीनिवासन को मामले की जांच पूरी होने तक उस प्रक्रिया से बिल्कुल दूर रहना चाहिए.

एक पत्रकार ने जब शुक्ला से ये पूछा कि क्या श्रीनिवासन के इस्तीफ़े के बारे में भी बातचीत हुई तब शुक्ला ने कहा कि जेटली के साथ सारे मु्द्दों पर बात की गई है और मामले की जांच के लिए गठित आयोग में बीसीसीआई का सिर्फ़ एक सदस्य होगा.

अब इस आयोग में कुल तीन सदस्य होंगे जिनमें दो बाहर के होंगे जबकि एक सदस्य बीसीसीआई से जुड़ा होगा.

जेटली से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजीव शुक्ला ने कहा कि जांच की पूरी प्रक्रिया से श्रीनिवासन को ख़ुद को अलग रखना चाहिए और जांच आयोग की सिफ़ारिशें बीसीसीआई को भेजे जाने की कोई ज़रूरत नहीं है और उन्हें सीधे लागू किया जाना चाहिए.

Image caption चेन्नई सुपरकिंग्स के 'प्रमुख' और श्रीनिवासन के दामाद मेयप्पन स्पॉट फ़िक्सिंग के मामले में गिरफ़्तार हैं.

शुक्ला ने ये भी कहा कि अब फ़ैसला श्रीनिवासन को करना है कि वो क्या करते हैं.

इस्तीफ़े की मांग

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही बीसीसीआई के एक अन्य सदस्य और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी श्रीनिवासन को इस्तीफ़ा देने का सुझाव दिया था. हालांकि श्रीनिवासन ने इस बयान को सिंधिया की निजी राय बताते हुए ख़ारिज कर दिया था.

स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद से ही श्रीनिवासन पर इस्तीफ़े का दबाव बना हुआ है लेकिन अब तक वो इस तरह की किसी भी मांग को ख़ारिज करते रहें हैं.

कोलकाता में प्रेस वार्ता के दौरान श्रीनिवासन ने कहा था कि अब तक बीसीसीआई से जुड़े किसी व्यक्ति ने उनसे इस्तीफ़े की मांग नहीं की है.

कुछ हद तक श्रीनिवासन की बात सही भी है क्योंकि सार्वजनिक तौर पर पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को श्रीनिवासन के इस्तीफ़े की बात की थी और फिर बुधवार को राजीव शुक्ला का बयान आया.

इस विवाद के बाद सबसे पहले एनसीपी के डीपी त्रिपाठी ने श्रीनिवासन के इस्तीफ़े की बात की थी लेकिन उनके बयान को निजी बयान बताकर टाल दिया गया था. कोलकाता में प्रेस वार्ता के दौरान श्रीनिवासन ने तो ये कह कर उनकी मांग को ख़ारिज कर दिया था कि एनसीपी, बीसीसीआई का सदस्य नहीं है.

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