राजीव शुक्ला ने आईपीएल चेयरमैन पद छोड़ा

  • 1 जून 2013
बीसीसीआई लोगो
Image caption कांग्रेस नेता और केंद्र में मंत्री राजीव शुक्ला आईपीएल के चेयरमैन थे.

आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग मामले के गहराने के बाद इसके चेयरमैन राजीव शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राजीव शुक्ला ने आईपीएल में हाल में हुए स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद अपना पद छोड़ने का फैसला लिया.

स्पॉट फिक्सिंग में बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मेयप्पन का नाम आने के बाद राजीव शुक्ला ने श्रीनिवासन से पद छोड़ने की मांग की थी.

लेकिन श्रीनिवासन के बार-बार इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद शुक्रवार को बोर्ड के कोषाध्यक्ष अजय शिर्के और सचिव संजय जगदाले ने त्यागपत्र दे दिया था.

रविवार को चेन्नई में इस मसले पर बीसीसीआई की वर्किंग कमेटी की बैठक होनेवाली है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कल की बैठक में पूरी संभावना है कि बोर्ड अध्यक्ष श्रीनिवासन अपना पद छोड़ देंगे.

हालांकि अभी तक वो ये कहकर इस्तीफे से इनकार करते रहे हैं कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया इसलिए इस्तीफे का सवाल नहीं उठता.

संकट

पिछले दिनों आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला सामने आने के बाद से ही बीसीसीआई संकट का सामना कर रही है.

चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े गुरुनाथ मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद से ही बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवास पर भी इस्तीफ़े का दवाब बढ़ता जा रहा है.

मेयप्पन, श्रीनिवासन के दामाद हैं. मेयप्पन पर विंदु दारा सिंह के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग करने का आरोप है.

आईपीएल में फ़िक्सिंग का मामला तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने फ़ोन कॉल्स के आधार पर राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों--श्रीसंत, अंकित चौहान और अजीत चंदेला को गिरफ़्तार किया था.

इसके बाद विंदु दारा सिंह को गिरफ़्तार किया गया था.

कथित तौर पर विंदु दारा सिंह ने अपना दोष भी क़बूल कर लिया है. विंदु के बाद श्रीनिवासन के दामाद मेयप्पन को गिरफ़्तार किया गया था.

Image caption गुरूनाथ मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद से ही श्रीनिवासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

हालांकि श्रीसंत समेत राजस्थान रॉयल्स के दूसरे खिलाड़ियों ने खुद को बेक़सूर बताया है.

जांच समिति

मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद इस मामले की जांच के लिए बीसीसीआई ने एक तीन सदस्यीय समिति गठित की थी. संजय जगदाले उस समिति का हिस्सा थे.

इस मामले में आ रही ख़बरों के मुताबिक़ जगदाले फ़िक्सिंग मामले को लेकर बीसीसीई के रवैय्ये से नाख़ुश थे. शिर्के के बारे में भी कहा जा रहा है कि वो आईपीएल में भ्रष्टाचार की ख़बरें आने के बाद बोर्ड अध्यक्ष श्रीनिवासन से नाराज़ चल रहे थे.

कहा जा रहा है कि अब बारी बीसीसीई के उपाध्यक्षों की है. वो भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं.

'कुछ ग़लत नहीं किया'

इस बीच इन सब बातों को ख़ारिज करते हुए बोर्ड अध्यक्ष श्रीनिवासन अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं. उनका कहना है कि उन्होंने कोई ग़लत काम नहीं किया है इसलिए वो इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

Image caption श्रीसंत की गिरफ़्तारी के बाद से आईपीएल-6 में स्पॉट फ़िक्सिंग की बात सामने आई थी.

सबसे पहले कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हे इस्तीफ़ा देने की सलाह दी. इसके बाद राजीव शुक्ला समेत कई नेताओं ने उनसे जांच पूरी होने तक पद से अलग रहने की मांग की थी.

हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के क्रिकेट संघ के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा था कि श्री निवासन को इस्तीफ़ देने की ज़रूरत नहीं है.

श्रीनिवासन आईपीएल खेलने वाली टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक भी हैं. उनकी टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी हैं. हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान फ़िक्सिंग के बारे में धोनी से जब सवाल पूछे गए थे तो उन्होंने कहा था कि वो सही समय आने पर जवाब देंगे.

फ़िलहाल वो टीम इंडिया के साथ चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए लंदन गए हुए हैं.

सचिन तेंदुलकर भी फ़िक्सिंग पर दुख जता चुके हैं.

उधर महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने इस पूरे विवाद पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ज़रूरत पड़ने पर फ़िक्सिंग से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई से कराई जा सकती है.

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