विंदू दारा सिंह और मेयप्पन ज़मानत पर रिहा

विंदू दारा सिंह

स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मेयप्पन और अभिनेता विंदू दारा सिंह ज़मानत पर जेल से रिहा हो गए हैं. विंदू दारा सिंह ने अपनी रिहाई के बाद पत्रकारों से कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं.

इससे पहले मुंबई में सुनवाई के दौरान अदालत से दोनों आरोपियों को ज़मानत मिल गई थी.

दूसरी ओर दिल्ली की अदालत ने क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंडीला और अंकित चव्हाण समेत 21 अन्य की न्यायिक हिरासत 18 जून तक बढ़ा दी है. ऐसे में इन खिलाड़ियों को 18 जून तक तिहाड़ में रहना होगा.

अदालत ने इस मामले में आरोपी कुछ सट्टेबाजों की जमानत याचिका को भी नामंजूर कर दिया है.

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीसंत के वकील ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार खिलाड़ी पर मकोका की धारा लगाने को निराशाजनक बताया.

उन्होंने कहा कि वह श्रीसंत पर मकोका लगाए जाने का विरोध करेंगे.

देश छोड़ने की पाबंदी

दूसरी ओर मुंबई की एक अदालत ने गुरुनाथ मेयप्पन और विंदु दारा सिंह को 25-25 हज़ार रुपए के निजी मुचलके पर सशर्त ज़मानत दी है.

ये दोनों देश छोड़कर नहीं जा सकते और इन्हें सप्ताह में दो दिन मुंबई क्राइम ब्रांच में हाजिरी भी देनी होगी.

मेयप्पन और विंदू दारा सिंह के अलावा प्रेम तनेजा और अल्पेश पटेल को भी अदालत ने ज़मानत दे दी है.

पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने इन दोनों को गिरफ़्तार किया था.

सारा मामला उस समय शुरू हुआ था जब दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोप में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को गिरफ़्तार किया था.

गिरफ़्तारी

विंदू के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा, “विंदू और गुरु को 14 दिन की पुलिस हिरासत में रखना ग़लत था. हम शुरू से ही कहते आए हैं कि उन पर लगे आरोप ऐसे हैं जिनमें ज़मानत की संभावना होती है. पुलिस को उन्हें बहुत पहले ज़मानत दे देनी चाहिए थी. विंदू और गुरू पर गलत आरोप लगाने के लिए मैं पूरी तरह से मुंबई पुलिस को ज़िम्मेदार ठहराता हूं. यहां तक कि मैजिस्ट्रेट ने भी कहा कि इनके खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं है.”

इसके कुछ दिन बाद विंदू दारा सिंह को सट्टेबाज़ों से कथित संबंध के आरोप में मुंबई पुलिस ने गिरफ़्तार किया. विंदू दारा सिंह से पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस ने गुरुनाथ मेयप्पन को भी गिरफ़्तार किया.

गुरुनाथ मेयप्पन बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद हैं और आईपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े हुए हैं.

हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक कंपनी इंडिया सीमेंट्स ने बयान जारी करके ये स्पष्ट किया था कि मेयप्पन न टीम के मालिक हैं और न ही टीम प्रिंसिपल, वे सिर्फ़ मानद सदस्य हैं.

मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद श्रीनिवासन पर भी इस्तीफ़े का दबाव बढ़ गया था.

बीसीसीआई के कई सदस्यों ने उनके त्यागपत्र की मांग भी की. दो जून को चेन्नई में बीसीसीआई की आपात बैठक भी बुलाई गई, जिसमें ये फ़ैसला हुआ कि जाँच होने तक श्रीनिवासन बोर्ड अध्यक्ष का नियमित कामकाज नहीं देखेंगे और ये काम जगमोहन डालमिया देखेंगे.

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