अंबानी बंधुओं के बीच 12000 करोड़ का करार

अंबानी बंधु
Image caption मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच एक और बड़ा समझौता हुआ है.

मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी. आईपीएल हो, लाइफस्टाइल हो, आपसी मतभेद हो, या फोर्ब्स की दौलतमंदों की सूची हो, ये दोनों भाई हमेशा ख़बरों में बने रहते हैं.

मगर इस बार अंबानी बंधुओं से जुड़ी यह खबर मतभेद की नहीं, बल्कि साथ साथ चलने की है.

पीटीआई के मुताबिक दोनों भाइयों की मोबाइल कंपनियों ने 12 हजार करोड़ रुपए का करार किया है.

करार के मुताबिक मुकेश की कंपनी 4G ग्राहकों को अपनी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए अनिल की रिलायंस कम्युनिकेशन के टावरों का इस्तेमाल करेगी.

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युलिकेशन लिमिटेड के बीच टेलीकॉम टावर्स का यह समझौता जीवन भर के लिए हुआ है.

इससे पहले भी दोनों भाईयों ने ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल के लिए आपस में समझौता किया था.

4जी नेटवर्क

दोनों समूहों ने अलग अलग मगर एक ही बयान दिया है, “समझौते की शर्तों के अनुसार रिलायंस जियो इंफोकॉम, रिलायंस कम्युनिकेशन के देशव्यापी नेटवर्क के भीतर जमीन व छतों पर लगे 45 हज़ार टॉवरों का इस्तेमाल अपनी बेहद आधुनिक 4जी सेवाओं को लागू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए करेगी.”

'रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड' के तहत आने वाली कंपनी 'रिलायंस जियो इंफोकॉम' वह अकेली कंपनी है जिसने 2010 में ही 4G एयरवेव्स नेटवर्क का ठेका हासिल किया था. हालांकि इसे अभी तक शुरु नहीं किया गया था.

करार के अनुसार, “इस समझौते का लाभ यह होगा कि दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी. इससे नई पीढ़ी तक सेवाओं की अबाध आपूर्ति की जा सकेगी. यही नहीं, दूर दराज़ के इलाकों तक पहुंचने के लिए नई नई जगहों पर अतिरिक्त टॉवरों के निर्माण के अवसर तलाशने में भी आसानी होगी.”

इस समझौते के ठीक पहले अप्रैल, 2013 में दोनों भाईयों की कंपनियों के बीच विभिन्न शहरों के बीच आप्टिक फाइबर को साझा करने के लिए करार हुआ था.

22 करोड़ डॉलर का यह समझौता 4जी दूरसंचार सेवा को शुरू करने में तेजी लाने में मददगार साबित होगा.

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