बिहार में जदयू के ख़िलाफ़ भाजपा का विश्वासघात दिवस

बीजेपी-जेडीयू संघर्ष में जख्मी महिला
Image caption बीजेपी-जेडीयू संघर्ष में जख्मी हुई महिला

बिहार की राजधानी पटना में आज जनता दल यूनाईटेड और भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. भिड़ंत में एक महिला को चोटें आई हैं. इस बीच पुलिस ने जेडीयू दफ़तर के बाहर से लावारिस हथियार बरामद किया है.

जेडीयू और बीजेपी गठबंधन टूटने के बाद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता अपना-अपना दिवस मना रहे हैं.

बीजेपी ने नीतीश के भाजपा से अलग होने के खिलाफ़ बिहार बंद का आह्वान किया है और पार्टी कार्यकर्ता आज विश्वासघात दिवस मना रहे हैं. दूसरी तरफ जेडीयू कार्यकर्ता इसे विजय दिवस के बतौर मना रहे हैं.

पटना के वीरचंद पटेल पथ पर बीजेपी दफ़्तर के करीब ही जेडीयू का भी कार्यालय है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के जत्थे आमने-सामने से निकल रहे थे. दोनों एक-दूसरे के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कर रहे थे.

महिला को चोटें, राइफ़ल बरामद

तभी दोनों के बीच धक्का-मुक्की, गाली-गलौच और मारपीट शुरू हो गई. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पुलिस घटनास्थल से कुछ दूर खड़ी रही लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया.

मारपीट के दौरान एक महिला को भी चोटें आईं हैं, जबकि कुछ और लोगों के मामूली तौर पर ज़ख्मी होने की खबर है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पुलिस ने जेडीयू दफ़्तर के सामने एक वाहन से राइफ़ल बरामद की है. इसे पुलिस ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया है.

Image caption गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी-जेडीयू के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए

भाजपा कोटे के बर्ख़ास्त मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि नीतीश के इशारे पर जेडीयू कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया है, ताकि बंद को शांतपूर्ण न रहने दिया जाए.

उन्होनें यह आरोप भी लगाया कि मुख्यमंत्री के उकसाने पर भाजपा को चिढ़ाने के लिए विजय जुलूस निकाला गया.

उधर, विजय जुलूस में शामिल जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन का आरोप है कि मारपीट की पहल भाजपा ने की. इसमें उनके कार्यकर्ताओं को भी चोटें आईं.

दोपहर 12 बजे तक राज्य भर में बीजेपी के बंद का मिला-जुला असर होने की ख़बर है. बंद को देखते हुए ज़्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और लंबी दूरी की बसों के बंद रहने की आशंका है. बिहार बंद के आयोजकों ने रेल सेवा, छोटे वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा है.

गठबंधन टूटा, तल्ख़ी शुरू

दो दिन पहले यानी रविवार को जनता दल यूनाइटेड के नेताओं शरद यादव और नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि पार्टी ने भाजपा के साथ 17 साल का अपना गठबंधन तोड़ रही है.

इसी के साथ नीतीश कुमार ने गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा के 11 मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश भी की थी.

उनका कहना था कि कई दिनों से राज्य सरकार में शामिल भाजपा के मंत्री सरकार के काम में सहयोग नहीं कर रहे थे और अपने दफ्तर तक नहीं आ रहे थे.

मंगलवार यानी 19 जून को राज्य विधानसभा का विशेष अधिवेशन हो रहा है, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करने का प्रयास करेंगे.

इस बीच दोनों पक्षों के नेताओं के बीच वाकयुद्ध जारी है. सोमवार को एक पुराना वीडियो सामने आया था जिसमें नीतीश कुमार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते दिखाया गया है.

बताया जा रहा है कि 2003 का ये वीडियो भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी किया गया है.

वीडियो में नीतीश कुमार कह रहे हैं, "मुझे पूरी उम्मीद है कि नरेंद्र भाई ज्यादा दिन तक गुजरात की सीमा में नहीं रहेंगे. देश को उनकी सेवाएं मिलेंगी."

नीतीश कुमार ने अपने उस भाषण को 'प्रोटोकॉल' का हिस्सा बताया है. गुजरात के मुख्यंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 के लिए भाजपा प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इसके बाद ही नाराज़ जदयू ने भाजपा से नाता तोड़ लिया.

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