'मोदी की तारीफ़' पर नीतीश की सफ़ाई

  • 17 जून 2013
नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार
Image caption 2003 का एक वीडियो जारी हुआ है जिसमें नीतीश कुमार मोदी की तारीफ़ करते दिख रहे हैं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने उस भाषण को 'प्रोटोकॉल' का हिस्सा बताया है जिसमें उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते दिखाया गया है.

बताया जा रहा है कि 2003 का ये वीडियो भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी किया गया है.

वीडियो में नीतीश कुमार कह रहे हैं, "मुझे पूरी उम्मीद है कि नरेंद्र भाई ज्यादा दिन तक गुजरात की सीमा में नहीं रहेंगे. देश को उनकी सेवाएं मिलेंगी."

उस वक्त केन्द्र में एनडीए की सरकार थी. अटल बिहारी वाजपेयी उस समय देश के प्रधानमंत्री थे जबकि जद (यू) नेता नीतीश कुमार उस वक्त रेल मंत्री हुआ करते थे.

(नीतीश कुमार के वीडियो का यू ट्यूब लिंक)

नरेंद्र मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे. तब 2002 के दंगों को एक साल बीत चुका था. बिहार में उस वक्त लालू प्रसाद यादव की सरकार थी.

Image caption जनता दल यूनाइटेड एनडीए से 17 साल बाद बाहर हुआ है

जद (यू) और भाजपा के बीच पिछले 17 साल से जारी गठबंधन टूटने के बाद से ही दोनों दलों के बीच एक दूसरे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

नीतीश कुमार के मुताबिक, "मैं सरकारी कार्यक्रम में था. ऐसे कार्यक्रम में सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की जाती हैं. एक सरकारी कार्यक्रम से राजनीतिक दल के विचार नहीं व्यक्त किए जाते हैं."

'विश्वासघात'

वीडियो जारी होने के बाद बिहार के भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा, "हम इस फुटेज को लेकर जनता के पास जाएंगे. हम जद (यू) के दोहरे मापदंड की कलई खोल देंगे"

भाजपा ने जद (यू ) के गठबंधन तोड़ने के फ़ैसले को 'विश्वासघात' कहा है. हालांकि जद (यू) ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है.

जवाब में नीतीश कुमार ने कहा, "हम गठबंधन तोड़ने के लिए बाध्य हो गए क्योंकि भाजपा के केंद्रीय नेता पिछले एक साल से हमारे सुझावों को नजरंदाज कर रहे थे और हमारी अवहेलना कर रहे थे."

माना जाता है कि एनडीए के अहम घटक दल जद (यू) को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बढ़ते प्रभाव से नाराजगी थी.

मोदी को हाल ही में 2014 के लिए भाजपा प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. उन्हें भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार भी माना जा रहा है.

Image caption राहुल बनाम मोदी की टक्कर से कांग्रेस लगातार इनकार करती आ रही है

हालांकि प्रधानमंत्री पद के लिए उनके नाम का ऐलान अभी तक हुआ नहीं है लेकिन जद (यू) नेताओं ने ऐसे बयान दिए जिसमें कहा गया कि इसे टाला नहीं जा सकता.

कांग्रेस की नज़र

कांग्रेस के नेताओं ने जद (यू) के एनडीए से बाहर आने के फैसले को देश हित में बताया है.

अखिल भारतीय कांग्रेस समित की नई टीम का ऐलान होने के बाद सोमवार दोपहर बाद कांग्रेस की ओर से एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया.

इसे दिल्ली के नेता अजय माकन ने संबोधित किया. 'संगठन में काम करने के लिए' उन्होंने शहरी और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया था.

कांफ्रेंस में अजय माकन ने कहा, "देश में गठबंधन की राजनीति का दौर है. कांग्रेस समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ चलती है...बिहार की घटना पर हम नजर बनाए हुए हैं लेकिन इस बारे में कोई निश्चित बात नहीं कही जा सकती. एक के एंटनी की अगुवाई में एक समति बनी है जो इस बारे में फैसला करती है."

लालू का फायदा?

Image caption कभी बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव अब एक बार फिर वापसी की बाट जोट रहे हैं

जय (यू) भाजपा का गठबंधन टूटने से लालू प्रसाद यादव फ़ायदे की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि इन दोनों दलों के गठबंधन से पहले बिहार में लालू प्रसाद यादव की ही सरकार थी.

एनडीए की टूट पर चुटकी लेते हुए लालू ने कहा, "जद (यू) और भाजपा के प्रेम विवाह का तलाक हो चुका है."

नीतीश कुमार पर अवसरवाद का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा कि उनकी नजर बिहार के अल्पसंख्यक वोटरों पर हैं. बिहार में करीब 17 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है.

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