क्या मोबाइल पर होगी अगली इंटरनेट क्रांति?

Image caption इंटरनेट कंपनियां अपने आगे की रणनीति मोबाइल को ध्यान में रखकर बना रही हैं.

आप में से कई लोग कंप्यूटर और लैपटॉप के ज़रिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते होंगे, लेकिन ऐसे लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है जो मोबाइल के ज़रिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं.

ये बात और कोई नहीं बल्कि याहू जैसे बड़ी कंपनी भी मानती हैं कि भारत के इंटरनेट उद्योग में अगली क्रांति मोबाइल के क्षेत्र में ही आएगी.

बीबीसी से हाल ही में हुई बातचीत में याहू इंडिया के उपाध्यक्ष हरि वासुदेव ने कहा कि नए उपभोक्ता जो इंटरनेट पर पहली बार आ रहे हैं, वे मोबाइल इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं.

याहू ने भारत में अपनी रणनीति भी मोबाइल क्षेत्र को ध्यान में रखकर बनाई है.

कुछ महीनों पहले भारत आए गूगल के प्रमुख एरिक श्मिट ने भी कहा था कि भारत जैसे देश में इंटरनेट के क्षेत्र में मोबाइल में ही सबसे विस्फोटक प्रगति होने वाली है.

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तेज़ी से बढ़ रहे मोबाइल इंटरनेट के बाज़ार में सेवाएं बेहतर करने के लिए कंपनियां तकनीकी सुधार भी कर रही हैं.

स्पीड और कनेक्टिविटी

रिसर्च एजेंसी गार्टनर के मुख्य विश्लेषक ऋषि तेजपाल कहते हैं कि बड़े शहरों में डाटा सेवाएं बेहतर की जा रही हैं, जबकि छोटे शहरों और गांव के इलाकों में 3जी सेवाएं पहुंचाने पर काम चल रहा है.

ऋषि तेजपाल कहते हैं, ''किसी भी नई तकनीक को ठीक से जमने में तीन से चार साल लगते हैं. बड़े शहरों में 3जी कवरेज ठीक है और बाकी शहरों में इसे जमने में थोड़ा समय लग सकता है.''

(कैसे जांचते हैं आप इंटरनेट स्पीड, देखिए ये पांच तरीके)

चार हज़ार रुपए में 3जी फ़ोन और सस्ते इंटरनेट पैक, मोबाइल इंटरनेट के तेज़ी से हो रहे विकास के कुछ अहम कारणों में से हैं.

हालांकि इंटरनेट की स्पीड और कनेक्टिविटी को लेकर भी शिकायतें आती रहती हैं.

2जी, 3जी की स्पीड

मोबाइल से जुड़े विषयों पर नज़र रखने वाली संस्था इंफ़ॉरमेट की तरफ से हाल ही में जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार भारत में 2जी इंटरनेट की औसत स्पीड 83 केबीपीएस है, जबकि 3जी की औसत स्पीड 138 केबीपीएस है.

भारत में मोबाइल इंटरनेट की विकास दर का अंदाज़ा इसी से लग जाता है कि देश में 1.5 करोड़ ब्रॉडबैड इंटरनेट यूजर्स है जबकि मोबाइल इंटरनेट प्रयोग करने वालों का आँकड़ा लगभग 9 करोड़ है.

रिसर्च कंपनी इंटरनेट एंड मोबाइल असोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल इंटरनेट यूज़र्स का आँकड़ा मार्च 2014 तक 16.5 करोड़ पर पहुंच जाएगा.

देश के 90 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच स्मार्टफ़ोन एक दूसरे से जुड़े रहने का अहम साधन माना जा रहा है. सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर जुड़े रहने की चाह भी मोबाइल इंटरनेट को बढ़ावा देती है.

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