उत्तराखंड: बाढ़ की दिल दहलाने वाली तस्वीरें

  • 19 जून 2013
उत्तर भारत में बाढ़ का कहर

उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण बाढ़ से अब तक 130 लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि सैकड़ों लापता हैं.

बाढ़ से सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हुआ है. उत्तराखंड के कई इलाकों में तबाही के हालात सूनामी की तरह नजर आ रहे हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

केदारनाथ पूरी तरह तबाह हो चुका है और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के अनुसार केदारनाथ यात्रा बहाल करने में 2 से 3 वर्ष लग सकते हैं.

उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग ने अब तक राज्य में 54 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है लेकिन गढ़वाल के आयुक्त सुवर्धन ने कहा है कि मरने वालों की संख्या 200 से 300 के बीच भी हो सकती है.

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार चार धाम के रास्ते बंद हो जाने के कारण लगभग 70 हज़ार तीर्थयात्री अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं. राहत और बचाव के लिये सेना, आईटीबीपी ,बीआरओ और एनडीआरएफ की कंपनी तैनात हैं.

कई इलाक़ों से अभी तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है. इसलिए आपदा का सही आकलन करना भी मुश्किल है. आशंका जताई जा रही है कि जान-माल का नुक़सान अधिक हो सकता है. एक दर्जन से अधिक हेलिकॉप्टर राहत कार्यों में लगे हुए हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मंगलवार को दोनों राज्यों को राहत और बचाव अभियानों में पर्याप्त मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया.

आज मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने केदारनाथ, गुप्तकाशी, गोविंदघाट और जोशीमठ का हवाई सर्वेक्षण किया. बाढ़ के कारण उत्तराखंड में कई तीर्थ स्थलों को भारी नुकसान हुआ है. कई जगह मंदिर पानी बह गए हैं तो कई मंदिर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

कई इलाकों में मकान और वाहन कीचड़ में फंस गए हैं. लोग आशँकित हैं कि नुकसान की भरपाई और चरमराई बुनियादी सुविधाओं का पुनर्निर्माण कैसे होगा. पिछले वर्षों के दौरान अलमोड़ा और उत्तरकाशी में हुई तबाही का दंश अब तक कायम है.

मंगलवार को बारिश का ज़ोर कुछ कम हुआ तो पहली बार पता चला कि तबाही किस क़दर हुई है. मौसम विभाग के अनुसार मौसम में कुछ सुधार है और कम से कम मौसम की वजह से राहत और बचाव में कोई बाधा नहीं आएगी.

केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज़ इलाक़ों में खाना, दवाएं और कंबल गिराए जा रहे हैं.

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