उत्तराखंड में मरने वालों की संख्या 150 से अधिक हुई

राहत और बचाव कार्य में लगे सेना के जवान

मॉनसून की बारिश से उत्तराखंड में मची तबाही में मरने वालों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक हो गई है. राज्य में अलग-अलग जगह अभी हज़ारों लोगों के फंसे होने की आशंका है.

फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों और जवान राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं.

राहत और बचाव कार्य का नेतृत्व कर रहे वायुसेना के एयर कमोडोर आर इस्सर ने गुरुवार को बताया कि सुबह पौने सात बजे सेना के पांच हेलीकॉप्टरों ने उड़ने का प्रयास किया. लेकिन ख़राब मौसम की वजह से लौट आए. हेलीकॉप्टरों ने सुबह 10 बजे के बाद दुबारा उड़ान भरी और राहत और बचाव अभियान शुरू किया.

ख़राब मौसम

उन्होंने बताया कि देहरादून और सरसावा में 10-10 हेलीकॉप्टर मौसम के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं.

वायु सेना के इस अधिकारी ने बताया कि प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ के इलाके में हालात अभी भी भयावह बने हुए हैं.

उन्होंने बाताया कि ऊंचे स्थानों से लोग अभी भी केदारनाथ पहुंच रहे हैं. वहाँ अभी भी हजारों लोग फंसे हुए हैं.

उत्तराखंड के प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने समाचार एजंसियों को बताया कि प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 150 से अधिक हो गई है. उन्होंने कहा कि वे मृतकों की सही-सही संख्या पता पाने की स्थिति में नहीं हैं. क्योंकि चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के बहुत से गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं.

इस बीच रेल मंत्री मलिल्कार्जुन खड़गे ने नई दिल्ली में कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी.

इस प्राकृतिक आपदा के पीड़ित लोगों के इलाज के लिए सेना की 12 चिकित्सा टीमें लगी हुई हैं. राज्य में राहत और बचाव कार्य में सेना के दस हज़ार से अधिक जवानों को लगाया गया है.

बाढ़ प्रभावित लोगों और इलाकों की जानकारी देने के लिए प्रदेश सरकार ने देहरादून में एक हेल्पलाइन शुरू की है. इसके नंबर हैं, 0135-2717300, 2716201, 2710925, 09411112985, 09412054085.

प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित उत्तराखंड को देश के कई अन्य राज्यों ने सहायता देने की पेशकश की है. राजस्थान सरकार ने दो करोड़ रुपए के अलावा अन्य सहायता देने की घोषणा की है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 25 करोड़ और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 10 करोड़ रुपए की सहायता देने की पेशकश की है. मध्य प्रदेश ने भी पाँच करोड़ रुपए की सहायता देने की घोषणा की है.

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