किसने किए शव के 280 टुकड़े, गुत्थी अनसुलझी

  • 25 जून 2013
knife crime

अपनी पत्नी उषाश्री की हत्या और फिर उनके शरीर के सैकड़ों टुकड़े करने के मामले में अभियुक्त 71 वर्षीय सेना के सेवानिवृत्त डॉक्टर सोमनाथ परीडा के बेटे के भुवनेश्वर पहुँचने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले की गुत्थी सुलझेगी.

पूछताछ के दौरान डॉक्टर परीडा ने अपनी पत्नी के शरीर को काटना तो स्वीकार किया है लेकिन हत्या के आरोप को स्वीकार नहीं किया है.

डॉक्टर परीडा के अमरीका में रहने वाले बेटे ललित परीडा के भुवनेश्वर पहुँचने के बाद एसीपी संतोष बाला के नेतृत्व में एक पुलिस टीम उनसे पूछताछ कर रही है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार ललित को वारदात स्थल यानी डॉक्टर परीडा के आईआरसी विलेज स्थित मकान में ले जाया गया और तहकीकात की गई. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ललित से पूछताछ के दौरान इस हत्याकांड के बारे में कोई खास सुराग़ मिला या नहीं.

डॉक्टर परीडा की दुबई में रहने वाली बेटी के भी भुवनेश्वर पहुँचने की उम्मीद है. पुलिस को आशा है कि उनसे पूछताछ से हत्याकांड के बारे में कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती है.

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से अपनी माँ से संपर्क करने की कोशिश में नाकाम रहने के बाद दुबई में रहने वाली डॉक्टर परीडा की बेटी ने शुक्रवार को कटक में रहने वाले अपने मामा गौतम सामल से बात की और उनसे अपनी माँ से संपर्क करके का अनुरोध किया.

उसी शाम जब सामल ने अपने बेटे शाश्वत को भुवनेश्वर स्थित डॉक्टर परीडा के घर भेजा, तब डॉक्टर परीडा ने उन्हें घर के अन्दर जाने से रोका. शाश्वत का कहना था कि घर के अंदर से बदबू आ रही थी, जिससे उन्हें शक हुआ और उन्होंने नयापल्ली थाने में इसकी जानकारी दी.

इसके बाद पुलिस घर में घुसी तो डॉक्टर परीडा चुपचाप बैठे हुए थे. पूछताछ के लिए पुलिस उन्हें थाने ले आई.

22 डिब्बों में मिले अंश

अगले दिन सुबह डॉक्टर परीडा को लेकर पुलिस घर के अंदर गई और उनकी निशानदेही पर 22 स्टील के डिब्बों में रखे गए मृत उषाश्री के शरीर के अंश बरामद किए. दुर्गन्ध रोकने के लिए मांस के टुकड़ों में केमिकल का इस्तेमाल किया गया था.

कुछ बड़ी हड्डियाँ बाथरूम में रखी गईं थीं. शरीर को काटने के लिए इस्तेमाल की गई आरी, छुरा और अन्य सामान भी बरामद किए गए. उषाश्री की मौत तीन जून को हुई और पुलिस का आरोप है कि इसके बाद से डॉक्टर परीडा रोज़ थोड़ा-थोड़ा करके शरीर को काट रहे थे.

इस दौरान उन्होंने नौकरानी को छुट्टी पर भेज दिया था और किसी को घर के अंदर आने नहीं दिया. हालाँकि घटना के बाद से गिरफ़्तारी तक वे रोज सामान्य रूप से उस क्लीनिक में जाते रहे, जहाँ वे काम करते हैं.

क्यों किए टुकड़े?

पुलिस का कहना था कि शव के टुकड़े बरामद किए जाने के दौरान डॉक्टर परीडा अविचलित थे और पुलिस अधिकारियों को चाय के लिए भी पूछा.

पूछताछ के दौरान डॉक्टर परीडा का कहना था उषाश्री ने उनसे झगड़े के बाद अपना सर दीवार पर पटक दिया जिससे उनकी मौत हो गई. डॉक्टर परीडा के मुताबिक़ वह अपनी पत्नी की इच्छा के अनुसार उनके शरीर को शिरडी में अंतिम संस्कार के लिए ले जाने वाले थे लेकिन शरीर को लगभग 280 हिस्सों में काटने की ज़रूरत क्यों पड़ी, पुलिस के अनुसार इसके बारे में उनके पास कोई जवाब नहीं था.

शरीर के अंशों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है.

हालाँकि पुलिस डॉक्टर परीडा की कहानी को मनगढ़ंत बता रही है. भुवनेश्वर के डीसीपी नितिन जीत सिंह का कहना है कि डॉक्टर परीडा ने सोची-समझी साज़िश के तहत पहले पत्नी की हत्या की और फिर सारे सुराग मिटाने के लिए उनके शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े किए. शायद वे इन डिब्बों को कहीं बाहर ले जाकर फेंकने वाले थे लेकिन इससे पहले ही घटना सामने आ गई.

जेल में रो पड़े

डॉक्टर परीडा इस समय उड़ीसा की झारपडा जेल में हैं. जेल सूत्रों के अनुसार शनिवार की शाम जेल में आने के बाद से उन्होंने किसी से बात नहीं की है लेकिन अदालत में पेशी के दौरान बिल्कुल बेफिक्र दिखने वाले डॉक्टर परीडा के जेल में पहुँचने के बाद फूट-फूट कर रोने की ख़बरें हैं.

पुलिस ने कहा है कि पूछताछ के लिए शीघ्र ही उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा. पुलिस ने यह भी कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर उनका पॉलीग्राफ टेस्ट भी किया जा सकता है.

इस दिल दहला देने वाली घटना से न केवल भुवनेश्वर शहर बल्कि पूरा राज्य सकते में आ गया है.

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