उत्तराखंड बाढ़: कंधे पर सवार रिपोर्टर बर्खास्त

Image caption पत्रकार का कहना है कि उन्होंने उस व्यक्ति की मदद की थी

उत्तराखंड में आई भयानक बाढ़ की ख़बर एक पीड़ित व्यक्ति के कंधे पर बैठकर देने वाले टीवी पत्रकार को बर्खास्त कर दिया गया है.

इस का वीडियो सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर आने के बाद इस पत्रकार की काफ़ी आलोचना हो रही थी.

ये पत्रकार न्यूज एक्सप्रेस नाम के टीवी चैनल के लिए काम करते थे. चैनल ने एक बयान में अपने पत्रकार के इस व्यवहार को अमानवीय बताया है.

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चैनल के अनुसार इस फुटेज का प्रसारण नहीं किया गया है. चैनल ने कहा है कि उसे इस की जानकारी नहीं है कि वीडियो किसने अपलोड किया.

उत्तर भारत में बारिश और भूस्खलन की वजह से पिछले दस दिनों आठ सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

वीडियो हुआ वायरल

उत्तराखंड से ख़बरें भेज रहे नारायण परगाईं के इस वीडियो को वेबसाइटों पर हज़ारों बार देखा गया है.

इस वीडियो में इस पत्रकार को पानी में खड़े एक व्यक्ति के कंधे पर चढ़कर कैमरे के सामने बोलते हुए दिखाया गया है.

न्यूज एक्सप्रेस ने अपने बयान में कहा है कि परगाईं एक गंभीर दुर्व्यवहार के दोषी हैं. उन्होंने जो किया है, वह न केवल अमानवीय बल्कि चैनल की संस्कृति के भी खिलाफ है.

चैनल के प्रमुख निशांत चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा,''खबर के लिए आप किसी के कंधे पर नहीं चढ़ सकते हैं. हमने उन्हें मंगलवार को बर्खास्त कर दिया.''

परगाईं ने पहले इसका बचाव करते हुए न्यूजलांड्री डॉट कॉम नाम की बेवसाइट से कहा कि उस ग्रामीण ने बाढ़ की वजह से उसके घर को हुए नुक़सान की ख़बर देने को कहा था.

पीड़ित की मदद

उन्होंने कहा,''हमने कुछ पैसे और खाद्य सामग्री देकर उनकी मदद की, इसके लिए वे हमारे एहसानमंद थे. मेरे जैसा कोई व्यक्ति पहली बार उनके घर गया था, इसलिए वे मेरे प्रति सम्मान दिखाना चाहते थे.''

परगाईं के अनुसार,''लोग हमें ग़लत और अमानवीय बता रहे हैं, लेकिन वास्तव में हम वहाँ कुछ पीड़ितों की मदद कर रहे थे.''

परगाईं ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने जो किया वह ग़लत था, लेकिन उन्हें लगता है कि इसके लिए उनका कैमरामैन जिम्मेदार है.

उन्होंने कहा,''यह ख़बर मेरे सीने से ऊपर के दृश्य को लेकर प्रसारित होनी चाहिए थी. यह पूरी तरह से कैमरामैन की गलती थी.'', क्योंकि उसने रिकॉर्डिंग में उस व्यक्ति को भी दिखाया जिसके कंधे पर वह बैठे थे.

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