क्यों धरा का धरा रह जाता है आपदा प्रबंधन?

  • 28 जून 2013
उत्तराखंड में तबाही
Image caption उत्तराखंड में आई तबाही के बाद एक बार फिर से आपदा प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं.

क्यों धरा का धरा रह जाता है आपदा प्रबंधन?

उत्तराखंड में पिछले हफ़्ते हुई भीषण बारिश और भूस्खलन के कारण मची तबाही ने एक बार फिर से आपदा प्रबंधन को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए तुरंत उपाय करने में चूक हो गई.

राहत पहुँचाने वाले विभागों में आपसी तालमेल की कमी के उदाहरण सामने आए और शुरुआती कई दिनों तक अधिकारियों को तबाही की व्यापकता का अंदाज़ा भी नहीं था. अब भी मृतकों और लापता लोगों की संख्या के बारे में सरकारी अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक अलग अलग बयान दे रहे हैं.

क्या भारत प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और अपने नागरिकों को सुरक्षा मुहैया करवाने में पूरी तरह सक्षम है?

इस शनिवार 29 जून को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे इसी विषय पर होगी बहस बीबीसी हिंदी रेडियो के कार्यक्रम बीबीसी इंडिया बोल में.

बीबीसी संवाददाता विनीत खरे ऋषिकेश से लाइव रहेंगे और देहरादून में होंगी शालिनी रहेंगी. दिल्ली में मोहनलाल शर्मा प्रस्तोता होंगे और उनके साथ दिल्ली स्टूडियो में मेहमान होंगे प्रोफ़ेसर पुष्पेश पंत.

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आप सीधे 1800-11-7000 और 1800-10-27001 पर मुफ़्त फ़ोन भी कर सकते हैं.

इस कार्यक्रम में शामिल होना अब हुआ और आसान.

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