उत्तराखंड: कुल एक लाख 6156 लोग निकाले गए, 500 लोग अब भी फँसे

Image caption बाकी फंसे हुए लोग रविवार को निकाले जाएँगे.

उत्तराखंड के आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे हुए लोगों को निकालने का काम आज भी पूरा नहीं हो सका.

राज्य के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि खराब मौसम की बाधा के बीच शनिवार को बद्रीनाथ से 1313 और पिथौरागढ़ से 305 लोगों को निकाला गया. करीब 500 लोग अब भी यहाँ फँसे हुए हैं जिन्हें रविवार को निकाला जाएगा.

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार अब तक कुल 1 लाख 6156 लोगों को निकाल लिया गया है.

इस बीच मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है, "इस आपदा में अभी तक मारे गए लोगों की पुष्ट संख्या 600 के करीब है. आशंका है कि मरनेवालों की संख्या अधिक होगी और इसका पता तभी चलेगा जब केदारनाथ में मलबे की खुदाई होगी.इस बारे में अंदाज़ लगाने का कोई औचित्य नहीं है."

वहीं उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष गोविदंसिंह कुंजवाल ने मौत का आंकड़ा दस हज़ार बताया है.

गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि बचाव कार्य में बीमार, बूढ़े और लाचार लोगों को तरजीह दी जाएगी.

अभी भी लापता हैं कई लोग

Image caption लोग तस्वीरें लेकर अपने परिजनों की पूछताछ करने हरिद्वार आ रहे

सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य में आपदा प्रभावित क्षेत्रों से लगभग तीन हज़ार लोग लापता हैं.

उत्तराखंड में शुक्रवार को बद्रीनाथ से 800 लोगों को और हर्षिंल से 500 से ज्यादा लोगों को निकाला गया था.

सरकार के मुताबिक अब तक एक लाख चार हज़ार से ज्यादा लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों में पंहुचा दिया गया है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एथ़ॉरिटी के अनुसार अभी तक करीब 1,800 लोग लापता हैं लेकिन कुछ रिपोर्टों में अधिकारियों को 3,000 का आंकड़ा देते हुए बताया गया है.

हरिद्वार ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉक्टर नरेश चौधरी ने बताया कि “जिन यात्रियों के परिजन बिछड़ गए हैं, वो उनकी तस्वीरें लेकर पूछताछ करने हरिद्वार आ रहे हैं.”

उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों में बरामद किए गए शवों का अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन बारिश से इसमें भी बाधा आ रही है.

(बीबीसी हिन्दी एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार