साइबर हमले रोकने के लिए नई सुरक्षा नीति

लैपटॉप
Image caption भारत में साइबर हमलों के लेकर खा़सी चिंता जताई जाती रही है

भारत सरकार ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति-2013 जारी कर दी है. इसका मकसद देश में अनुकूल साइबर सिक्योरिटी सिस्टम तैयार करना है जो वैश्विक माहौल के अनुरूप हो ताकि साइबर हमलों को रोका जा सके.

इस मौके पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने नई दिल्ली में कहा, “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति-2013 देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा का आश्ववस्त माहौल तैयार करेगी. लेकिन ऐसी अर्थपूर्ण नीति तैयार करने का काम काफी चुनौतीपूर्ण है जिसमें सारे अहम मुद्दे शामिल किए गए हों.”

क्या भारत में साइबर सेंधमारी हुई ?

कपिल सिब्बल का कहना था कि ये नीति एक फ्रेमवर्क है लेकिन असली चुनौती इस नीति को अमली जामा पहनाने की है.

उन्होंने कहा, “एयर डिफ़ेंस सिस्टम, परमाणु प्लांट, दूरसंचार प्रणाली इन सबको साइबर सुरक्षा देनी होगी ताकि ऐसा कुछ न हो जिससे देश की अर्थव्यवस्था के स्थायित्व पर ख़तरा हो.”

नोडल एजेंसी बनेगी

पीटीआई के मुताबिक सुरक्षित साइबरसिस्टम तैयार करने के लिए इस नीति के तहत एक राष्ट्रीय नोडल एजेंसी बनाने की योजना है ताकि देश में साइबर सुरक्षा से जुड़े सारे मामलों को लेकर समन्वय बनाया जा सके.

इस एजेंसी की स्पष्ट भूमिका और ज़िम्मेदारियाँ होंगी.

कपिल सिब्बल ने इस बात को रेखांकित किया कि साइबर ख़तरा किसी से भी हो सकता है- आतंकवादियों से, मादक पदार्थ के तस्करों से और हिंसा भड़काने वाले तत्वों से.. इसलिए भारत को इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा.

संबंधित समाचार