ऑस्ट्रेलियाई एमु पक्षी राजस्थान में मृत मिले

  • 9 जुलाई 2013
एमु पक्षी
Image caption इस भारी भरकम पक्षी का वज़न लगभग 65 किलो होता है.

वतन छूटा और नई सर ज़मीन पर पालनहार मालिक ने उन्हें उनके मुक़द्दर पर छोड़ दिया.

ऑस्ट्रेलिया से लाए गए कोई तीन दर्जन एमु पक्षियों ने राजस्थान के टोंक ज़िल में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, क्योंकि इन भारी भरकम परिंदों को उनके मालिक ने खुले में बेसहारा छोड़ दिया था.

टोंक पुलिस ने इस सिलसिले में दो ट्रक चालकों को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस उस समया हरकत में आई जब टोंक से गुज़रते राष्ट्रीय राज मार्ग के समीपवर्ती गावों में विशालकाय एमु विचरण करते पाए गए. बड़े-बड़े आकार के इन परिंदों ने जब गावों का रुख़ किया तो ग्रामीण आबादी के लिए ये अजूबे से कम नहीं था.

गाव वालो ने पुलिस को इसकी सूचना दी.

पुलिस के मुताबिक़, किसी एमु फ़ार्मिंग करने वाले ने दो ट्रक चालकों को पैसे देकर किसी निर्जन स्थान पर छोड़ देने को कहा था.

टोंक ज़िले में तैनात पुलिस उपाधीक्षक जीवन राम ने इस बारे में और जानकारी देते हुए कहा, ''हमें जानकारी मिली है कि कुल 82 एमु ट्रक में भर कर टोंक लाए गए और उन्हें ऐसे ही खुले में छोड़ दिया गया. इनमे से तीन दर्जन के मरने की सूचना है. हम पूरे तथ्य जुटा रहे हैं.''

पुलिस ने ज़िंदा बच गए एमु पक्षियों के रख रखाव के लिए वन विभाग से मदद मांगी है.

जांच

पुलिस उस आदमी की तलाश कर रही है जिसने इन पक्षियों को दो वाहनों में भर कर टोंक भेजा है.

जीवन राम ने कहा कि अभी दो लोगो को पक्षियों के साथ क्रूरता के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस के अनुसार मारे गए परिंदों के पोस्ट मोरटम का आदेश दे दिया गया है और दो ट्रको को ज़ब्त किया लिया गया है.

पुलिस का कहना है कि किसी व्यक्ति ने एमु पालन से कमाई करने के लिहाज़ से इन पक्षियों को ऑस्ट्रेलिया से मंगवाया था मगर जब इसमें कोई आमदनी होती नहीं दिखी तो मुक्ति पाने के लिए निरीह पक्षियों को उनके हाल पर छोड़ दिया.

पिछले कुछ समय से एमु फ़ार्मिंग कर रहे जयपुर के विनोद चौधरी के अनुसार जयपुर ज़िले में ही कोई दो हज़ार से ज़्यादा एमु पक्षी होंगे.

विनोद चौधरी के अनुसार हाल के वर्षो में एमु फ़ार्मिंग का चलन बढ़ा है, मगर अब इस कारोबार को मंदी का सामना करना पड़ रहा है.

एमु का मांस और तेल काम में लिया जाता है.

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