बिहार: विपक्ष के बंद पर नीतीश ने ली चुटकी

  • 8 जुलाई 2013
नीतीश कुमार
Image caption नीतीश कुमार ने विपक्ष के लापरावही के आरोपों को खारिज किया है

बिहार में गया के महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के एक दिन बाद सोमवार को विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के बंद पर मुख्यमंत्री नीतीश ने चुटकी ली है.

राष्ट्रीय जनता दल ने मगध प्रमंडल और भारतीय जनता पार्टी ने गया और बोधगया में बंद बुलाया.

इस बंद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनो दलों की एकता भविष्य में और सामने आ सकती है. उन्होंने कहा कि ये दोनों अंदर ही अंदर एक दूसरे से मिले हुए हैं.

बंद के समर्थन में दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग जत्थों में सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

विपक्ष का बंद

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि गया के महाबोधि मंदिर में कुल 13 बम रखे गए थे. इनमें दस फटे जिसके चलते दो व्यक्ति घायल हुए.

आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने जहानाबाद, नबादा और औरंगाबाद में सड़कों पर अवरोध खड़े करके वाहनों का आना-जाना कई घंटों तक बंद रखा.

कहीं-कहीं रेल सेवाओं में भी रुकावटें डाली गईं. इस कारण पटना से रांची जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस रास्ते में काफ़ी देर तक रुकी रही.

उधर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गया और बोधगया में सड़कों पर निकलकर नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

विपक्ष ने राज्य सरकार पर क़ानून व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं.

'आरजेडी बीजेपी में सांठगांठ'

Image caption महाबोधि मंदिर परिसर में मिले एक बम को निष्क्रिय करते सुरक्षाकर्मी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी और बीजेपी की ओर से सोमवार को मगध क्षेत्र में बंद पर व्यंगय भरी टिप्पणी की है.

उन्होंने कहा, "आरजेडी और बीजेपी की एकता, आज साफ़ दिख रही है. इससे जाहिर हो रहा है कि कुछ मामलों में ये एक-दूसरे से अंदर ही अंदर मिले हुए हैं. और लगता है भविष्य में भी इन दोनों दलों की एकता सामने दिखेगी."

उधर बीजेपी के नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पटना में सोमवार सुबह से 24 घंटे के अनशन पर बैठे हैं.

उन्होंने कहा है कि बगहा में राज्य की पुलिस द्वारा 'छह निर्दोष लोगों की जान लेने और बोधगया के महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही' के विरोध में उनका ये अनशन है.

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