दिल्ली रेप: नाबालिग अभियुक्त पर फ़ैसला 25 को

  • 11 जुलाई 2013
कोर्ट

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में जुविनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग अभियुक्त के खिलाफ़ फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है. बोर्ड अब 25 जुलाई को अपना फ़ैसला सुनाएगा.

इस नाबालिग किशोर पर बलात्कार, हत्या और अपहरण समेत कई आरोप लगे थे और दोषी पाए जाने पर नाबालिग अभियुक्त को तीन साल तक की सज़ा हो सकती है जिस दौरान उसे सुधारगृह में रखा जाएगा.

इस बीच पीड़िता के पिता का कहना है कि अगर नाबालिग अभियुक्त को अधिकतम सजा भी होती है तो भी उन्हें संतुष्टि नहीं होगी.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह उस अभियुक्त के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सज़ा चाहते हैं.

ये मामला पिछले साल 16 दिसंबर का है. फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही एक लड़की के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार हुआ था.

पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने लड़की और उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट भी की थी. लड़की को इलाज के लिए सिंगापुर भी ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

ख़ुदकुशी

Image caption इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है

इस मामले में कुल छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. इनमें से एक को कुछ महीने पहले जेल में मृत पाया गया था. जेल अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने ख़ुदकुशी की है जबकि परिवार वालों का आरोप था कि ये हत्या का मामला है.

इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है.

नालाबिग़ अभियुक्त समेत बाक़ी चारों अभियुक्त बलात्कार के आरोप से इनकार करते आए हैं. बाकी अभियुक्त अगर दोषी पाए गए तो उन्हें मौत की सज़ा हो सकती है.

इस घटना को लेकर भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय जगत में भी काफ़ी आक्रोश हुआ था. कई दिनों तक भारत के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन होते रहे थे.

नागरिक संगठनों से लेकर राजनीतिक पार्टियों ने महिला सुरक्षा को लेकर नया क़ानून बनाने की माँग की थी. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार बलात्कार निरोधक क़ानून भी लेकर आई है.

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