चार स्कूली लड़कियों से 'गैंग रेप', आठ गिरफ़्तार

बलात्कार विरोधी प्रदर्शन
Image caption दिल्ली सामूहिक बलात्कार के बाद बलात्कार के खिलाफ़ देशभर में प्रदर्शन हुए थे

झारखंड के पाकुड़ ज़िले में पहाड़िया समुदाय की लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

झारखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) और पुलिस प्रवक्ता एसएन प्रधान ने बताया कि अभियुक्तों का मेडिकल कराया जा रहा है.

ये घटना पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित लबदा गांव की है. लबदा गांव पाकुड़ जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है.

झारखंड के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने बीबीसी को बताया कि रविवार देर रात कई हथियारबंद लोगों ने एक स्कूल पर हमला कर चार लड़कियों का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया था.

इस मामले में लिट्टीपाड़ा थाने में एफ़आईआर दर्ज कराई गई है. घटनास्थल पर पुलिस कैंप कर रही है. पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाइएस रमेश मामले की जांच कर रहे हैं.

बच्चों में ख़ौफ़

जिस स्कूल में हमला किया गया था, वह लबदा गांव के सुनसान इलाके में है. स्कूल की प्राचार्य इबी मालतो के अनुसार रविवार को हथियारों से लैस 20-25 लोग रात क़रीब 11 बजे स्कूल परिसर में घुस गए.

प्राचार्य के अनुसार उन लोगों ने शिक्षकों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल छीन लिए. इसके बाद छात्रावास के अंदर जाकर चार लड़कियों का अगवा कर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

ये चारों लड़कियां नाबालिग हैं जिनकी उम्र 12 से 16 के बीच है. उनका मेडिकल चेकअप कराया जा चुका है.

इस स्कूल की स्थापना एक वर्ष पहले की गई थी. यहां चौथी कक्षा तक की पढ़ाई होती है. यहां लड़कियों को सिलाई-बुनाई की ट्रेनिंग भी दी जाती है.

एडीजी ने बताया है कि स्कूल का संचालन निजी तौर पर किया जा रहा था.

जिन लोगों की गिरफ़्तारी हुई है, वे स्कूल परिसर में भी आते-जाते रहे हैं. इस घटना से स्कूल के क़रीब सवा सौ बच्चों में ख़ौफ़ है. अधिकतर बच्चे हॉस्टल खाली कर घर जा चुके हैं.

15 दिन में दूसरी वारदात

इस इलाक़े में अधिकतर जनजातियों के लोग रहते हैं. पाकुड़ देश के सौ पिछड़े जिलों में शामिल है.

घटना के बाद आसपास के गांवों में पहाड़िया लोगों की बैठकें हो रही हैं. इस घटना को लेकर लोगों में बहुत रोष है.

एसपी वाईएस रमेश ने बताया है कि स्थानीय लोगों से बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान पुलिस को सहयोग कर रहे हैं और स्थिति सामान्य हो रही है.

पंद्रह दिन में पाकुड़ जिले की यह इस तरह की दूसरी घटना है. दो जुलाई को नक्सलियों ने दुमका प्रमंडलीय मुख्यालय से पाकुड़ लौटते समय एसपी अजित बलिहार की हत्या कर दी थी.

इससे पहले 15 नवंबर 2011 को पाकुड़ सिस्टर वालसा जॉन की हत्या ने भी स्थायीय लोगों को झकझोर दिया था.

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