गले के कैंसर के लिए ज़िम्मेदार एचपीवी वायरस?

Image caption एचपीवी वायरस के सौ से ज़्यादा किस्में हैं.

एक अध्ययन में यह पता चला है कि एक तिहाई लोगों में गले का कैंसर एचपीवी वायरस के संक्रमण के कारण होता है.

एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) गर्भाशय के कैंसर का प्रमुख कारण है. यह वायरस जननांग और मौखिक रूप से संपर्क में आने पर फैलता है.

अभिनेता माइकल डगलस ने अपने गले के कैंसर का पता लगने के बाद इस संबंध में बात की है .

एचपीवी वायरस की लगभग सौ किस्में पाई जाती हैं. अधिकतर लोग कभी ना कभी एचपीवी से संक्रमित होते हैं, लेकिन उनका प्रतिरक्षी तंत्र इस वायरस से उनकी रक्षा करता है.

विशेष तौर पर एचपीवी-16 और एचपीवी-18 कैंसर के लिए सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार होते हैं.

जीवित रहने के अवसर

एचपीवी-16 गर्भाशय कैंसर के लिए 60 प्रतिशत, गुदा के कैंसर के लिए 80 प्रतिशत और मुँह के कैंसर के लिए भी 60 प्रतिशत तक ज़िम्मेदार होता है.

ब्रिटेन में हर साल 15000 लोगों को गले के कैंसर होता है, और लगभग 470 लोग इस बीमारी के कारण हर साल मर जाते हैं.

इस अध्ययन से यह भी पता लगा कि गले के पीछे होने वाले ओरोफैरिनजीएल कैंसर के लिए भी एचपीवी वायरस ज़िम्मेदार होता है.

वृहद स्तर पर किए गये इस अध्ययन में शुरुआत में पूर्ण रुप से स्वस्थ लोगों से प्राप्त रक्त परीक्षण के परिणाम को देखा गया.

अध्ययन की शुरुआत में हर किसी ने खून की जाँच करवाई जिससे शोधकर्ता शरीर में एचपीवी के एक मुख्य प्रोटीन-ई6 की एंटिबॉडीज का पता लगा सकते थे. ई6 कोशिकाओं की सुरक्षा प्रणाली पर दस्तक देता है, जो कि कैंसर के विकास को रोकता है.

एंटिबॉडीज के मिलने का मतलब है कि एचपीवी वायरस का पहले ही ख़ात्मा हो चुका है. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की टीम के एक अध्ययन में यह पता चला कि एक प्रतिशत लोग, जो कैंसर मुक्त थे उनकी तुलना में वे 35 प्रतिशत लोग जो गले के कैंसर से पीड़ित थे उनमें एंटिबॉडीज उपस्थित थी .

कितना है असर?

पाँच साल बाद जाँच करने पर पता लगा कि एंटिबॉडीज वाले 84 प्रतिशत लोग उन 58 प्रतिशत लोगों की तुलना में ज़्यादा दिनों तक जिंदा रहे, जिनमें एंटीबॉडीज उपस्थित नहीं थी.

ब्रिटेन की कैंसर शोध स्वास्थ्य सूचना निदेशक सारा हयोम ने कहा, "एचपीवी एक बहुत ही आम वायरस है. सुरक्षित शारीरिक संबंध इस वायरस को बढ़ने से रोक सकते हैं, लेकिन सिर्फ़ कंडोम का इस्तेमाल करने से इस वायरस का संक्रमण पूरी तरह नहीं रुकेगा. ''

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