बंधक बनाए गए 24 भारतीय नाविक रिहा

तुर्की का जहाज़
Image caption अभी ये साफ नहीं है कि डाकुओं ने फिरौती मांगी थी या नहीं

समुद्री डाकुओं ने तुर्की का एक बंधक बनाया गया जहाज़ छोड़ दिया है. जहाज़ के चालक दल के सदस्य 24 भारतीयों को भी रिहा कर दिया गया है.

एमटी कॉटन नाम के इस जहाज़ को समुद्री डाकुओं ने पिछले हफ़्ते पश्चिमी अफ़्रीका में गेबॉन के तट के नजदीक पोर्ट गेंटिल के पास से हाइजैक किया था.

इन नाविकों के परिवार वालों का कहना है कि सभी 24 लोग सुरक्षित हैं और रिहा होने के बाद उन्होंने परिवार से बात भी की है.

अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या समुद्री डाकुओं ने रिहाई के बदले कोई फिरौती भी ली है.

ये इलाका अब तक सुरक्षित समझा जाता रहा है क्योंकि पहले कोई हाइजैक या लूट की घटना यहां नहीं हुई थी.

'सब कुछ छीना'

एमटी कॉटन के कैप्टन शिशिर वाही की पत्नी प्रीति वाही ने कहा, “सभी सुरक्षित हैं लेकिन समुद्री डाकुओं ने उनसे सब कुछ छीन लिया”

प्रीति के मुताबिक़ उनके पति ने उन्हें बताया कि जहाज़ को सोमवार को छोड़ा गया. सभी 24 लोग अगले हफ्ते भारत पहुंचेंगे.

जहाज तुर्की की कंपनी गेडेन लाइंस का है. गेडेन लाइंस का कहना है कि जहाज के कैप्टन को ये कहा गया है कि वह जहाज़ को गिनी की खाड़ी से जितनी तेज़ रफ्तार में हो सके पश्चिम अफ्रीका के किसी “सुरक्षित बंदरगाह” पर ले जाएं.

भारत के जहाज़रानी महानिदेशक गौतम चटर्जी ने कहा कि “जहाज़ के चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी को मेडिकल सहायता की ज़रूरत नहीं है लेकिन उनसे हर चीज़ छीन ली गई.”

गौतम चटर्जी ने ये भी कहा कि समुद्री डाकुओं ने जहाज़ पर लदा क़रीब एक तिहाई सामान भी लूट लिया.

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