अलग राज्य की मांग को लेकर असम में हड़ताल

  • 5 अगस्त 2013
बोडोलैंड

उत्तर-पूर्व राज्य असम में जनजाति समूहों ने अलग राज्य की माँग करते हुए 100 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी है.

दिमासा जनजाति के लोगों के प्रदर्शन के चलते डीमा हासाओ इलाक़े में सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है.

डीमा हासाओ ज़िले में 'हिल स्टेट्स डेमोक्रेटिक पार्टी' ने उत्तरी और दक्षिण असम के बीच सड़क और रेल यातायात बाधित कर दिया है.

असम में बोडो जाति के लोग भी अलग राज्य की माँग कर रहे हैं.

पड़ोसी ज़िले कार्बी आंग्लोंग में भी कार्बी जनजाति के लोग पहले से ही अलग राज्य की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

पिछले सप्ताह आंध्र प्रदेश के 23 जिलों में से दस को अलग कर तेलंगाना बनाने की घोषणा के बाद असम और बंगाल में भी अलग राज्य बनाए जाने को लेकर चिंगारी भड़क गई है.

पुरानी है मांग

बहुत से समूह असम को भारत से अलग करने को लेकर दशकों से संघर्ष करते रहे हैं.

असम बर्मा, चीन, भूटान और बांग्लादेश से चारों तरफ से घिरा हुआ है. यह 22 किलोमीटर पतले गलियारे से भारत से जुड़ा हुआ है.

बंगाल में भी गोरखा जन्मुक्ति मोर्चा ने नेपाली भाषी गोरखाओं के लिए अलग राज्य बनाने को लेकर अनिश्चितकालीन ह्ड़ताल की शुरुआत कर दी है. दार्जिलिंग क्षेत्र में गोरखा जनजाति ने हड़ताल बुलाई है.

विश्लेषक समीर कुमार कहते हैं, '' अलग राज्य बनाने की ये सभी माँगे पुरानी हैं, लेकिन इन सभी को स्वायत्ता देकर शांत करा दिया गया था. लेकिन तेलंगाना बनाने की घोषणा के बाद इनके बनाए जाने की माँग फिर से शुरू हो गई है."

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