रक्षा मंत्री ने कहा साजिश में शामिल थी पाक सेना

Image caption रक्षा मंत्री ने कहा है कि भारतीय जवानों पर हमला करने वाले दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा.

रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने लोक सभा में दिए गए अपने पिछले बयान में सुधार करते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों पर हुए हमले में पाकिस्तान की सेना का विशेष दल शामिल था.

उन्होंने कहा कि उन्होंने इससे पहले सदन में जो बयान दिया था, वह उस समय उन्हें मिली जानकारी पर आधारित था.

उन्होंने कहा कि “ऐसा मानकर नहीं चलना चाहिए कि हमारा संयम हमेशा बना रहेगा.”

एंटनी ने सदन को बताया कि कि "रक्षा मंत्री के रूप में सदन के समक्ष बयान देने की उनकी जिम्मेदारी थी, उस समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन्होंने ऐसा किया."

उन्होंने कहा कि “हालांकि उसके बाद सेना प्रमुख ने मौके का मुआयना किया और यह पाया कि हमले में पाकिस्तानी सेना का विशेष बल शामिल था.”

उन्होंने कहा कि "इस दुखद घटना और इससे पहले क्रूरता पूर्वक दो सैनिकों के सिर काटने की घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हे बख़्शा नहीं जाएगा."

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से भारत और पाकिस्तान के राजनयिक संबंध प्रभावित होंगे.

बयान का स्वागत

Image caption लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि रक्षा मंत्री का बयान सेना के बयान से मेल नहीं खाता है, इसलिए उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए.

लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने एंटनी के बयान का स्वागत करते हुए कहा है कि, "हम आभार व्यक्त करते हैं कि रक्षा मंत्री ने जो गलती है थी उसे सुधारने का काम किया है. हम राजनीति नहीं कर रहे थे. हम सरकार की गलती को सुधारने की कोशिश में लगे थे."

उन्होंने कहा, "सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए की ऐसी गलती दोबारा न हो."

इससे पहले राज्य सभा की कार्रवाई में बाधा डालने वाले सांसदों की सूची में कांग्रेस पार्टी के एक भी सांसद का नाम न होने पर प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के सांसदों ने ज़ोरदार हंगामा किया. इस सूची में 20 भाजपा सांसदों सहित कुल 22 सांसदों के नाम हैं.

साथ ही तेलंगाना मसले पर हुए हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी.

विपक्ष की आपत्ति

एंटनी बुधवार को राज्यसभा में स्पष्टीकरण दे चुके थे, लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं था और वह उनके बयान पर लोकसभा में स्पष्टीकरण की मांग कर रहा था.

रक्षा मंत्री ने मंगलवार को संसद में दिए बयान में कहा था, ''घात लगाकर यह हमला हथियारों से पूरी तरह लैस 20 उन आतंकवादियों ने किया, जो पाकिस्तानी सेना की वर्दी में थे.''

इस बयान पर विपक्ष को काफ़ी आपत्ति थी. विपक्ष का कहना था कि एंटनी ने ऐसा कहकर पाकिस्तानी सेना को क्लीन चिट दे दी है.

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते कहा कि एक तरफ तो भारतीय सेना इस हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहरा रही है, वहीं दूसरी तरफ़ रक्षा मंत्री पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं.

एके एंटनी ने राज्यसभा में अपने बयान पर स्पष्टीकरण के दौरान कहा कि उन्होंने जो बयान दिया वो उपलब्ध जानकारी के मुताबिक था.

विपक्षी दल इस बयान से संतुष्ट नहीं हुए. भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि एंटनी को अपने 'ग़लत' बयान के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.

भाजपा के सांसद यशवंत सिन्हा ने एंटनी के बयान को लेकर उनके ख़िलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया था.

उन्होंने एंटनी के बयान को 'हास्यास्पद' बताया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार