वादी में गूंजेगा ज़ुबिन मेहता का संगीत

  • रियाज़ मसरूर
  • बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

पश्चिमी शास्त्रीय संगीत के नामचीन सितारे ज़ुबिन मेहता सितंबर महीने की शुरुआत में भारत प्रशासित कश्मीर में अपना संगीत कार्यक्रम पेश करेंगे.

राज्य सरकार के अधिकारियों ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है. ज़ुबिन कई दशक पहले अपनी पत्नी हॉलीवुड एक्ट्रेस नैंसी कोवाक के साथ कश्मीर का सफर कर चुके हैं.

भारत में पैदा हुए इस सितारे ने पिछले साल अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान कट्टरपंथ से जूझ रहे कश्मीर में अपना कार्यक्रम करने की पेशकश की थी.

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि चार सदी पहले मुगल शासकों की हुकूमत के दौरान बने एक बाग में ज़ुबिन मेहता का संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

विदेशी कलाकारों और गायकों के कार्यक्रमों की देखरेख करने वाले एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "अगर मौसम खराब रहा तो इंटरनेशनल कन्वेन्शन कॉम्प्लेक्स में भी उनका शो आयोजित किया जा सकता है."

पिछले एक दशक के दौरान भारत प्रशासित कश्मीर में 25 वर्षों से जारी कट्टरपंथी हिंसा में गिरावट देखी गई है. इस राज्य में गर्मियों के दिनों में देखा जाता है कि भारतीय सैनिकों की कथित ज़ोर ज़बरदस्ती वाले रवैये के विरोध में अलगाववादी गुट लोगों को सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए इकठ्ठा करते हैं.

लेकिन भारत प्रशासित कश्मीर में जब गर्मियों के दिनों में अमन रहता है तो राज्य सरकार अक्सर बड़े संगीत कार्यक्रमों का आयोजन करती है. पाकिस्तान के मशहूर म्यूजिक बैंड ‘जुनून’ ने 2009 में कश्मीर का दौरा किया था और डल झील के किनारे अपनी संगीतमय प्रस्तुति भी दी थी.

कश्मीर में संगीत

इसके अलावा मिस्र और तुर्की के म्यूज़िक बैंड ने भी इस राज्य में अपने शो आयोजित किए हैं. हालांकि इस तरह के आयोजनों के बारे में सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इससे राज्य में अमन बरकरार रखने में मदद मिलती है लेकिन अलगाववादी इसे ग़ैर इस्लामी करार देते हैं.

पिछले दिनों भारत प्रशासित कश्मीर में तीन किशोर लड़कियों ने एक म्यूज़िक बैंड बनाया था और स्टेज पर कार्यक्रम भी पेश किया था. एक धार्मिक नेता मुफ्ती बशरूद्दीन ने इन लड़कियों के म्यूज़िक बैंड का विरोध करते हुए फ़तवा जारी कर दिया था.

ज़ुबिन मेहता का कार्यक्रम जर्मन सिम्फॉनिक ऑर्केस्ट्रॉ के साथ मिलकर आयोजित किया जाएगा. माना जाता है कि जर्मनी के राजदूत माइकल स्टीनर ने भारतीय अधिकारियों को कश्मीर में ज़ुबिन मेहता को शो करने की इजाजत देने के लिए मनाया है.

स्टीनर पहले भी कई बार इस राज्य का दौरा कर चुके हैं और कहा जा रहा है कि ज़ुबिन मेहता का कार्यक्रम उनके एजेंडा का एक अहम हिस्सा है. दिलचस्प बात यह है कि जर्मनी पहला ऐसा यूरोपीय देश था जिसने 2011 में कश्मीर यात्रा को लेकर अपने नागरिकों को दी गई प्रतिकूल सलाह में संशोधन किया था.

तब जर्मनी ने कहा था कि घाटी में अमन की बहाली के साथ हालात बदले हैं और संघर्ष की स्थिति में विदेशियों को सीधे निशाना नहीं बनाया जा रहा है. ज़ुबिन मेहता इसराइल में अरबों और यहूदियों के बीच एकता बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं. इसराइल में मेहता अपना खासा वक्त गुज़ारा करते हैं.

वे उत्तरी इसराइल के एक्को शहर में एक स्कूल में अरब बच्चों को पश्चिमी शास्त्रीय संगीत भी पढ़ाया करते हैं.

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