'उपकरण फेल होने से लगी होगी आग'

भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल वी. एस. शेखावत का कहना है कि बॉम्बे डॉक में पनडुब्बी सिंधुरक्षक में आग लगने की घटना के पीछे उपकरण की विफलता या फिर प्रक्रियागत चूक जैसे कारण हो सकते हैं.

हाल ही में रूस में इस पनडुब्बी की करोड़ों रुपए खर्च कर मरम्मत की गई थी. क्या मरम्मत के दौरान कुछ ग़लती हुई? इस सवाल पर एडमिरल शेखावत कहते हैं, ‘ये संभव नहीं, रूस को इस काम में विशेषज्ञता हासिल है.उन्हें पनडुब्बी की मरम्मत और उसे बनाने में महारत हासिल है, तजुर्बा है. हम उनके साथ एक ज़माने से काम करते चले आ रहे हैं.’

रूस में बनी पनडुब्बियों में कोई नुक्स नहीं हो सकता

उनका कहना था कि भारतीय नौसेना को रूस में बनाई गईं पनडुब्बियों के संचालन का अनुभव है. नौसेना के लोगों की ट्रेनिंग ब्रिटेन और रूस में हुई थी. ऐसे में हमें कोई शक नहीं कि रूस में बनी पनडुब्बियों में कोई नुक्स हो सकता है.

एडमिरल शेखावत का कहना था कि ये एक महज़ हादसा था, जो कभी भी और कहीं भी हो सकता है.

उन्होंने कहा, ‘यूरोप और अमरीका में भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं. अमरीका और फ़्रांस की पनडुब्बियों में हादसे हो चुके हैं. ये पेशेवर खतरे हैं जो किसी के साथ पेश आ सकते हैं.’

मंगलबार रात 12 बजे के बाद हुए इस हादसे के बाद बुधवार को भारत के रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने कुछ नौसैनिकों के मारे जाने की आशंका जताई है.

हालांकि उन्होंने इससे ज़्यादा कुछ भी नहीं बताया है. नौसेना के प्रवक्ता नरेंद्र विस्पुट ने बताया है कि धमाके के कारणों की जांच की जा रही है.

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