बिहार: ट्रेन की चपेट में आने से 28 की मौत

  • 19 अगस्त 2013

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिहार के खगड़िया जिले में राज्य रानी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर 28 लोगों की मौत हो गई है.

समस्तीपुर डिवीज़न के डीआरएम ने ये जानकारी दी है.

गंभीर रूप से घायल छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसा खगड़िया और सहरसा जिले की सीमा पर स्थित धमारा घाट स्टेशन पर हुआ.

बिहार में ट्रेन हादसे की तस्वीरें

राज्य रानी एक्सप्रेस के दो ड्राइवरों की नाराज़ लोगों ने पिटाई की, लेकिन उनकी स्थिति ख़तरे से बाहर बताई जा रही है.

ग़ुस्साए लोगों ने स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेनों में आग लगा दी, जिससे कई डब्बे जल गए.

हादसा सुबह क़रीब नौ बजे हुआ. कात्यायनी पूजा की वजह से बड़ी संख्या में वहां लोग जमा थे. इनमें से कई लोग सहरसा से पटना जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए.

नाराज़गी

लोगों में इस बात का गुस्सा है कि न तो हॉर्न बजाया गया और न ही ट्रेन की रफ्तार कम की गई.

जान बचाने के लिए सैकड़ों यात्री पैदल ही पास के बदलाघाट स्टेशन पहुंचे.

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के नेता शरद यादव ने कहा है कि यह सरकार या रेल विभाग की चूक नहीं है.

पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दस लाख रुपए और नौकरी देने की मांग की है.

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि रेल मंत्री को खुद बिहार जाकर हताहत हुए लोगों के परिजनों को ढ़ाढस बढाना चाहिए.

पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर डिवीजन के अधिकारियों ने बताया कि मानसी और सहरसा के अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा जा रहा है.

धमारा घाट स्टेशन के पास कात्यायनी स्थान मंदिर में हर सोमवार को बड़ा मेला लगता है जिससे वहां बहुत भीड़भाड़ थी. धमारा स्टेशन पर राज्यरानी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं था और यही वजह है कि ट्रेन की रफ्तार बहुत अधिक थी.

धमारा घाट स्टेशन बागमती और कोसी नदियों के बीच स्थित है और वहां सड़क मार्ग से पहुंचना दुष्कर है.

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