खाद्य सुरक्षा योजना: संसद में हंगामा, दिल्ली में हरी झंडी

खाद्य सुरक्षा

केंद्र की यूपीए सरकार की बहुचर्चित और महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना को दिल्ली में शुरू कर दिया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में इस योजना की शुरुआत कर दी है.

सोनिया गांधी के साथ इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी मौजूद थीं.

सोनिया गांधी ने योजना की शुरुआत करते हुए कहा, "खाद्य सुरक्षा योजना का फायदा देश की दो तिहाई आबादी को मिलेगा."

इस योजना को पूर्व प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी के पति राजीव गांधी के जन्मदिवस पर शुरू किया गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मौके पर कहा, "हमारे देश में अब भी ऐसे लोग हैं जिन्हें ख़ाना नहीं मिलता, उनके बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. हमें गरीबों के अनमोल जीवन के लिए ज़िम्मेदार होना होगा इसलिए खाद्य सुरक्षा बिल पेश किया गया है".

सोनिया गांधी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की भी तारीफ़ की. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, "पिछले 15 साल में दिल्ली का चेहरा बदला है."

संसद में चर्चा नहीं

Image caption सोनिया गांधी ने दिल्ली में खाद्य सुरक्षा योजना की शुरुआत की.

शीला दीक्षित 1998 से दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं और उन्हें अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव का सामना करना है.

इस बीच संसद में हंगामे की वजह से मंगलवार को भी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी.

दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तराखंड में भी खाद्य सुरक्षा योजना की शुरुआत की गई है.

भारत सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने के लिए ही अध्यादेश जारी किया था. हालांकि ये अध्यादेश जारी किए जाने के 6 महीने में वैध नहीं रह जाएगा इसलिए सरकार को संसद में बिल पास कराना होगा.

लेकिन विपक्ष चाहता है कि सरकार मौजूदा रूप में बिल को पास न कराए.

खाद्य सुरक्षा विधेयक के तहत देश की क़रीब 67 फ़ीसदी जनता को एक समान तौर पर पांच किलोग्राम अनाज सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर एक से तीन रुपए प्रति किलोग्राम की दर से देने का प्रावधान है.

कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि गरीबों के लिए सस्ता अनाज मुहैया कराने की योजना का लाभ उसे आम चुनावों में मिलेगा जो अगले साल होने हैं.

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