'प्रधानमंत्री जी, कोलगेट से जुड़ी फ़ाइलें कहाँ हैं'

Image caption फ़ाइलों के ग़ायब होने के मुद्दे पर विपक्ष ने मांगा प्रधानमंत्री से जवाब

कोयला घोटाले से जुड़ी फ़ाइलों के ग़ायब होने के मसले पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से नहीं चलने दी.

एक ओर भाजपा के नेता इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से तुरंत जवाब मांग रहे थे तो दूसरी ओर सरकार का कहना था कि ग़ायब फ़ाइलों को तलाशने में सरकार हर मुमकिन कदम उठा रही है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ‘शेम-शेम’ के नारे के साथ ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ की मांग के साथ इस मुद्दे को उठाया.

उन्होंने यह मांग भी कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर सदस्यों को यह भरोसा देना होगा कि ग़ायब फ़ाइलों के चलते कोयला घोटाले में चल रही सीबीआई की जांच प्रभावित नहीं होगी.

'जवाब दें प्रधानमंत्री'

सुषमा स्वराज के मुताबिक प्रधानमंत्री ने लोकसभा में इस मसले पर पूरी जिम्मेदारी ली है तो उन्हें सदन को ये भी बताना चाहिए कि 147 फ़ाइलें कैसे ग़ायब हुईं और कहां गईं.

सुषमा स्वराज ने ये भी दावा कि ग़ायब हुई फ़ाइलें कोल ब्लॉक के लिए आवेदन से जुड़ी थीं और इसलिए ग़ायब हुईं हैं क्योंकि उसमें कांग्रेस के कुछ बड़े नाम शामिल थे.

स्वराज की अगुवाई में भाजपा की मांग थी कि लोकसभा अध्यक्ष प्रधानमंत्री को सदन में बयान देने का निर्देश दें.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास 2006 से 2009 तक कोयला मंत्रालय का प्रभार भी था, इसी दौरान कोल ब्लॉक का आबंटन किया गया था.

राज्य सभा में भी हंगामे के बाद केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को अपना वक्तव्य देना पड़ा. उन्होंने कहा कि ग़ायब हुई फ़ाइलों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जा चुका है और उसकी दो बैठकें भी हो चुकी हैं.

केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा, “मैं सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मेरा विभाग सीबीआई द्वारा मांगी जा रही फ़ाइलों को तलाशने की हर संभव कोशिश करेगा.”

Image caption विपक्ष के हंगामे के चलते सदन में अपना वक्तव्य पूरा नहीं कर पाए केंद्रीय कोयला मंत्री

हालांकिभाजपा सांसदों के हंगामे के चलते जायसवाल अपना वक्तव्य भी पूरा नहीं कर पाए.

सज़ा झेलने को तैयार

श्रीप्रकाश जायसवाल ने ये भी कहा कि फ़ाइलों को ग़ायब किए जाने के मामले में उनकी किसी तरह की संलिप्ता साबित होती है कि वे हर सजा झेलने के लिए तैयार हैं.

लेकिन विपक्ष जायसवाल के बयान से संतुष्ट नहीं दिखा. राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने सरकार की ओर से की गई कार्रवाई में कमी बताते हुए पूछा कि क्या कोयला मंत्रालय ने इस बारे कोई प्राथमिकी दर्ज कराई है?

इस मामले में हंगामे के चलते पहले सत्र में लोकसभा और राज्य सभा दोनो की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

दूसरे सत्र में राज्य सभा के अंदर भी भाजपा के सदस्यों ने इस मामले में प्रधानमंत्री से बयान देने की मांग की.

भाजपा के सांसद एम वैंकया नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर यह भरोसा दिलाना होगा कि फ़ाइलें सुरक्षित हैं.

राज्य सभा में विपक्ष के उप नेता रवि शंकर प्रसाद ने कोयला घोटाले कोदेश के सबसे बड़े घोटालों में एक बताते हुए आरोप लगाया कि कोयला घोटाले से जुड़ी फ़ाइलों को ग़ायब करने में सत्तारुढ़ दल के सदस्यों का हाथ है.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार