सांसदों के निलंबन प्रस्ताव ने मचाया बवाल

  • 22 अगस्त 2013
भारत की संसद
Image caption खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को पास कराने के लिए मौजूदा सत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है

सरकार ने तेलंगाना मुद्दे पर विरोध कर रहे लोकसभा के 11 सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है. इनमें चार सांसद तेलुगूदेशम पार्टी के हैं जबकि सात सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के हैं.

सरकार के इस प्रस्ताव के कारण लोकसभा में भारी हंगामा रहा.

जबसे ताज़ा मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई है, ये सांसदों अलग तेलंगाना राज्य के गठन के विरोध में लोकसभा में जमकर हंगामा कर रहे थे.

सरकार की ओर से इन सांसदों को संसद से निलंबित करने का प्रस्ताव लाया गया. संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने इन सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर मत विभाजन की माँग रखी.

ये ताज़ा कदम दिखाता है कि सरकार तेलंगाना के रास्ते में आने वाली सभी अड़चनों को जल्दी से जल्दी हटाना चाहती है.

बीजेपी की विरोध

सुषमा स्वराज ने कहा, "संसदीय कार्यमंत्री ने 11 सदस्यों के निलंबन का जो प्रस्ताव अभी रखा है मैं उसका विरोध करती हूँ. सरकार ने जिस तरीके से तेलंगाना के गठन की घोषणा की है, उसके कारण सदन चल नहीं पा रहा है."

उन्होंने कहा, "हम तेलंगाना के पक्षधर हैं और इसका पुरजोर समर्थन करते हैं लेकिन पृथक तेलंगाना का गठन जिस अनुचित तरीके से किया गया हम उसका विरोध करते हैं."

विरोध कर रहे सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष का माइक छीनने की कोशिश की. इसके बाद संसद की कार्रवाई को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

सांसद बैनर थामे हुए थे और वो तेलंगाना के गठन के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे.

सरकार की सबसे बड़ी चुनौती खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को संसद में पास कराना है. खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को पारित कराने के लिए सरकार संसद के मौजूदा सत्र को पाँच सितंबर तक बढ़ा भी सकती है.

खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को पाँच सितंबर से पहले ही पास कराया जाना है.

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