आध्यात्म और अपराध की करामाती कॉकटेल

  • 27 अगस्त 2013
आसाराम

कथावाचक आसाराम बापू को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपों के सिलसिले में 30 अगस्त से पहले जोधपुर पुलिस के सामने हाज़िर होना है.

पर ये पहले मौक़ा नहीं है जब कोई धर्म प्रचारक या संत माना जाने वाला व्यक्ति गंभीर आपराधिक आरोपों से घिरा हो.

आसाराम से पहले भी कई साधुओं, तांत्रिकों और धर्मगुरुओं पर क़ानून का शिकंजा कसा है.

चंद्रास्वामी

तांत्रिक चंद्रास्वामी को पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव के बहुत क़रीब माना जाता था. इस वजह से उस दौर में चंद्रास्वामी का रुतबा काफ़ी ऊँचा था.

लेकिन वक़्त ने पलटी खाई और तमाम ऊँचे संपर्कों के बावजूद उनको जेल जाना पड़ा.

दाऊद इब्राहीम गिरोह से जुड़े अंडरवर्ल्ड के सदस्य बबलू श्रीवास्तव का प्रत्यर्पण करके 1995 में नेपाल से भारत लाया गया था. सीबीआई की पूछताछ के दौरान उन्होंने जानकारी दी कि चंद्रास्वामी के संबंध दाऊद इब्राहीम से हैं.

ये जानकारी सामने आने के तुरंत बाद तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री राजेश पायलट ने सीबीआई से कार्रवाई करने को कहा. इसके बाद चंद्रास्वामी के ख़िलाफ़ विदेशी मुद्रा क़ानून उल्लंघन समेत कई मामलों की जाँच शुरू हो गई.

यही नहीं, उन्हें राजीव गाँधी हत्याकांड की जाँच कर रहे जैन आयोग ने भी तलब किया और कई मुश्किल सवाल पूछे. चंद्रास्वामी ने सभी आरोपों के जवाब में ख़ुद को निर्दोष बताया और आरोपों को विरोधियों की साज़िश का नतीजा बताया.

परमहंस नित्यानंद

बंगलौर के परमहंस नित्यानंद के कथित सेक्स विडियो ने 2010 में सनसनी फैला दी थी. इसके बाद नित्यानंद सुर्ख़ियों में आ गए.

वो दुनिया के कई देशों में नित्यानंद ध्यानपीठ चलाते हैं. दक्षिण भारत के एक टेलीविज़न चैनल ने इस वीडियो का प्रसारण किया था जिसमें एक साधु जैसे दिखने वाले व्यक्ति को दो महिलाओं के साथ अश्लील अवस्था में दिखाया गया था.

इसके बाद स्थानीय लोगों ने नित्यानंद ध्यानपीठ पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ की.

उनके कई सहयोगियों ने टेलीविज़न चैनलों पर स्वामी से जुड़े अपने अनुभवों को सबके सामने रखा. इस कांड के बाद नित्यानंद कई दिनों तक फ़रार रहे.

बाद में उनकी गिरफ़्तारी भी हुई. नित्यानंद के बारे में कहा जाता था कि वो अपने शिष्यों और समर्थकों को तुरत-फुरत आध्यात्मिक मुक्ति का रास्ता दिखाने का दावा करते थे.

वो सभी आरोपों का खंडन करते हैं और कथित सेक्स वीडियो को अपने ख़िलाफ़ विरोधियों की साज़िश बताते हैं.

शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती

काञ्ची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को नवंबर 2004 में एक हत्या के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था. पर आठ साल बाद भी ये मामला पुडुचेरी की एक अदालत में घिसट रहा है.

सुनवाई की हर तारीख़ पर किसी न किसी आधार पर अगली तारीख़ तय कर दी जाती है. कांचीपुरम में वर्धराजस्वामी मंदिर के मैनेजर ए शंकररामन की तीन सितंबर को हत्या कर दी गई थी.

इस हत्याकांड में जयेंद्र सरस्वती के साथ साथ उनके सहयोगी विजयेंद्र को भी प्रमुख अभियुक्त बनाया गया है.

पिछली 12 अगस्त को अदालत ने सुनवाई की थी मगर इसमें दोनों प्रमुख अभियुक्त मौजूद नहीं थे. अदालत ने अगली तारीख़ 6 सितंबर तय की है.

अदालत ने कहा है कि अगली सुनवाई के दिन सभी 23 अभियुक्तों को अदालत में हाज़िर होना पड़ेगा. जयेंद्र सरस्वती और उनके सहयोगी सभी आरोपों का खंडन करते रहे हैं और ख़ुद को निर्दोष बताते हैं.

स्वामी अमृत चैतन्य उर्फ़ संतोष माधवन

केरल के अमृत चैतन्य को नाबालिग़ लड़कियों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के लिए एक अदालत ने 2009 में 16 साल की सज़ा सुनाई.

ख़ुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक पुरुष बताने वाले संतोष माधवन के ख़िलाफ़ आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप भी लगे थे.

ख़बरों के मुताबिक़ वो कई बार विदेश यात्राएँ कर चुके हैं और उन पर दुबई की एक महिला ने आर्थिक ठगी के आरोप लगाए थे.

इसी सिलसिले में संतोष माधवन के ख़िलाफ़ इंटरपोल के वॉरंट भी निकले थे.

गुलज़ार बट उर्फ़ सैयद गुलज़ार

कश्मीर में श्रीनगर से 42 वर्षीय गुलज़ार बट को पुलिस ने बलात्कार के आरोप में इसी साल मई के महीने में गिरफ़्तार किया था.

उन पर आरोप था कि उन्होंने बडगाम के अपने मज़हबी ठिकाने खानसाहेब में कई लड़कियों का यौन शोषण किया.

पुलिस ने तब कहा था कि सैयद गुलज़ार के स्कूल में 500 छात्राएँ पढ़ती हैं और वो स्कूल में काम करने वाली महिलाओं के ज़रिए लड़कियों को बहला फुसला कर उनसे यौन संबंध बनाते थे.

इलाक़े के एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि गुलज़ार बट अब भी जेल में बंद है और उन पर मुक़द्दमा चल रहा है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि बट पर बलात्कार के कई मामले हैं.

स्वामी रघुवंश पुरी

जुलाई 2012 में स्वामी रघुवंश पुरी पर बलात्कार की कोशिश के आरोप लगे थे.

उनकी एक शिष्या ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि जब वो गुरुपूर्णिमा के दिन स्वामी से मिलने दिल्ली के अशोक विहार वाले उनके आश्रम में गईं तो स्वामी ने उनके साथ यौन दुराचार किया.

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