कोसी परिक्रमा पर संसद में सपा भाजपा आमने सामने

अयोध्या

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा का मु्द्दा सोमवार को लोकसभा में भी प्रमुखता से उठा.

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने 'संतों का अपमान' करने के भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अयोध्या में संतों पर बल प्रयोग नहीं किया गया है.

गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने राज्य की अखिलेश यादव सरकार को बर्खास्त करने की मांग की.

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार ने हमारी धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है. संतों को अपमानित किया है. इस सरकार को बने रहने का हक नहीं है. इसे तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए."

'बस जाने से रोका है'

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा ने 84 कोसी यात्रा के लिए रविवार को विश्व हिंदू परिषद को रोकने का मुद्दा उठाया.

भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा सरकार उनके धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लघंन कर रही है.

Image caption उत्तर प्रदेश सरकार ने विहिप नेताओं को हिरासत में लिया है.

भाजपा के आरोप के जवाब में मुलायम ने कहा, "हम केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संविधान का पालन कर रहे हैं."

मुलायम सिंह यादव ने कहा, "न किसी को मारा गया है, न किसी को चोट पहुँचाई गई है. बस वहाँ जाने से रोका गया है."

मुलायम ने भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा के भाजपा के लोग सपा के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं.

मिलीभगत

दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच मिली भगत का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि आम चुनावों को ध्यान में रखकर राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए 84 कोसी परिक्रमा की आड़ में उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने की कोशिश हो रही है.

कांग्रेस ने भी 84 कोसी परिक्रमा को चुनावी राजनीति से जोड़ा है.

कांग्रेस सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा, "शास्त्रों में लिखा है चतुर्मास में कोई 84 कोसी परिक्रमा हो ही नहीं सकती. साधु संत कोई यात्रा कर नहीं सकते. ये यात्रा केवल चुनाव को देखते हुए वोट के लिए की जा रही है."

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, "इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी की सरकार को और गंभीरता से लेना चाहिए था और विहिप के सिंघल जैसे नेता से उन्हें मिलना नहीं चाहिए था."

हिरासत में नेता

Image caption मुलायम सिंह यादव ने लोक सभा में यूपी सरकार का बचाव किया

84 कोसी परिक्रमा पर पाबंदी लगाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विहिप के नेता अशोक सिंघल और प्रवीण तोगड़िया को रविवार को हिरासत में ले लिया.

विहिप नेताओं का कहना है कि परिक्रमा पर रोक लगाना ग़ैरक़ानूनी है जबकि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार का कहना है कि ये '84-कोसी परिक्रमा' ही गैरक़ानूनी है क्योंकि ये अपारंपरिक है.

इस कारण वीएचपी और राज्य की अखिलेश यादव सरकार के बीच तनातनी बनी हुई है

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार